मित्र ही सुख दुःख का साथी : स्वामी अशोकानंद महाराज

सेन्ट्रल जेल श्रीमद्भागवत कथा पुराण संपन्न
जबलपुर दर्पण। मित्र मंडली में बैठकर ही सद्गुण और दुर्गुण सीखते हैं । आपसी सामंजस्य और भाईचारा मित्रों से बढ़कर किसी का नहीं होता । श्रीकृष्ण सुदामा सी मित्रता हर व्यक्ति को निभाना चाहिए क्योंकि व्यक्ति के अच्छे बुरे समय में मित्रता हर कीमत में निभाना चाहिए ,उक्त उद्गार अंतरराष्ट्रीय भागवताचार्य, भक्ति धाम ग्वारीघाट के अधिष्ठाता, स्वामी अशोकानंद जी महाराज ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस केन्द्रीय जेल जबलपुर में बंदियों को श्री वैष्णो देवी यात्रा समिति के तत्वावधान मै श्रीमद्भागवत कथा महा पुराण की कथा का सप्तम दिवस श्री कृष्ण सुदामा चरित्र, श्रीमद्भागवत कथा सार की कथा का रसपान कराया ।
इस अवसर पर विशेष रूप से नगर निगम अध्यक्ष रिंकु विज, डॉ कैलाश गुप्ता,जेलर अखिलेश तोमर, शमन आसवानी, महेश केमतानी, तारू खत्री, सुरेश आसवानी, पं वेदांत शर्मा, सुधीर भागचंदानी,सामल दास खत्री, पप्पू लालवानी, विजय पंजवानी, मनोज नारंग,उमेश पारवानी, विध्येश भापकर ,राजू हिरानी आदि भक्त जनों व श्री वैष्णो देवी यात्रा समिति के कार्यकर्ताओं ने व्यास पीठ पूजन अर्चन आरती की ।
वैदिक अनुष्ठान आचार्य आशीष लालू महाराज, पं शिवशंकर तिवारी, पं पुष्पराज तिवारी ने संपन्न कराये ।



