सेवा सहकारी समितियों में गहराया खाद का संकट

राजेंद्र त्रिवेदी। जिले में इन दिनों खाद का संकट गहराता जा रहा है, इस समय अन्नदाताओं को रबी सींजन के फसलों की बुआई का समय कार्य शुरू हो चुका है। रबी सीजन की फसलें मटर, चना, मसूर, सरसों, गेहूँ आदि फसलों में रासायनिक, फास्फेटिक, उर्वरकों का प्रयोग होता है, इसमें किसान अपनी पहली पंसद उर्वरक एफ्को डीएपी को रखते हैं, जहां एक तरफ अन्नदाताओं पर बेमौसम बारिश की मार दूसरी ओर अन्नदाता रासायनिक उर्वरकों के लिए समितियों के चक्कर काट रहे हैं, कुछ एक, दो समितियां ऐसी है, जिनमें उर्वरक है, वहां वितरण हो रहा है, बाकी सेवा सहकारी समितियों पर ताले लटके हुए हैं, लेकिन यहां पर समिति के सदस्यों को ही प्राथमिकता दी जा रही है, ऐसे स्थानों पर डीएपी के साथ एनपीके व अन्य रासायनिक, फास्फेटिक उर्वरक है, लेकिन अन्नदाता अपनी पहली पसंद एफ्को डीएपी उर्वरक के लिए परेशान है, ऐसा ही एक मामला जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यदित छतरपुर शाखा सरबई अंतर्गत सेवा सहकारी समिति कौथेहा, चुरयारी, पचबरा, नाहरपुर सहित क्षेत्र में अन्नदाताओं को सेवा सहकारी समिति कौथेहा में डीएपी उर्वरक न मिलने से भटकना पड़ रहा है, दूसरी सेवा सरकारी समितियों में उर्वरक का वितरण हो रहा है, लेकिन सेवा सहकारी समिति कौथेहा में अन्नदाताओं को उर्वरक के लिए भटकना पड़ रहा है, यही कारण है कि समितियों में समय पर रासायनिक उर्वरक डीएपी न पहुंचने से अन्नदाता सेवा सहकारी समितियों के चक्कर काट रहे हैं, और निराश होकर वापस घर जाना पड़ रहा, जिससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है, किसानों ने बताया कि हमने इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की है, लेकिन अभी तक विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई है, जिससे मजबूर होकर सेवा सहकारी समिति कौथेहा के अन्नदाताओं को प्राइवेट दुकानदारों से अधिक मूल्य पर खाद लेने को मजबूर है, ऐसे में अन्नदाताओं को चिंता सता रही है कि रबी-सीजन की फसलों की बुवाई लेकिन अब दिन प्रतिदिन फसलों की बुवाई लेट होती जा रही है, यदि समय रहते खेतों की बुवाई नहीं हुई तो खेतों में नमी लाने के लिए सिंचाई करनी पड़ेगी, इससे जहां बुवाई लेट होगी, वहीं लागत भी अधिक लगेगी, जिससे लेट बुवाई से फसलों की पैदावार में भी असर पड़ेगा, जिला प्रशासन इस और विशेष रूप से ध्यान दें, और समस्त समितियों में खाद उपलब्ध कराए, ताकि किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े, प्रशासन जल्द से जल्द रासायनिक उर्वरक, डीएपी, यूरिया खाद की सप्लाई को सामान्य किया जाए, ताकि अन्नदाताओं को बुआई के लिए जरूरत खाद की समस्याओं को दूर किया जा सके।
जिला कृषि उपसंचालक अधिकारी छतरपुर श्री रवि सिंह कहना है कि हमें इस संबध में सेवा सहकारी समिति कौथेहा उर्वरक,खाद, भण्डारण संबधी जानकारी उपलब्ध हुई है, उर्वरक की रैंक लग रही है हम जल्द ही एक, दो दिनों में समस्त समितियों में रासायनिक, उर्वरक भेज दी जाएगी।
राजेंद्र त्रिवेदी



