अनुकम्पा नियुक्ति हेतु प्रशिक्षित डिग्री की अनिवार्यता समाप्त की जाए

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष राॅबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि मृत शिक्षकों के आश्रितों को षिक्षा विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति देने में डी.एड एव बी.एड की पात्रता समाप्त की जानी चाहिए। क्योंकि जहां एक तरफ गंभीर बीमारियों के चलते मृत हुए षिक्षकों के परिजन अपनी जीवका चलाने के लिए अतिषीघ्र अनुकम्पा नियुक्ति पाने की गुहार लगा रहे हैं वहीं दूसरी ओर यदि विभाग द्वारा षिक्षक संवर्ग के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति पाने हेतु डी.एड एव बी.एड की डिग्री अनिवार्यतः रखी जाती है तो इसमें डिग्री पाने हेतु दो साल का अतिरिक्त समय लग जाएगा जिससे मृत षिक्षकों के परिजनों को इतने लम्बे समय तक आर्थिक समस्याओं से जूझना पड़ेगा फलस्वरूप उन्हे जीवकोपार्जन हेतु भयानक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। अतः आश्रितों को एक से दो माह के भीतर ही अनुकम्पा नियुक्ति दी जानी चाहिए। इन्ही कारणों से मृत षिक्षकों के आश्रितों में चिन्ता बनी हुई है। संघ के दिनेष गौंड़, शहीर मुमताज़, स्टेनली नाॅबर्ट, हेमन्त ठाकरे, राकेष श्रीवास, एनोस विक्टर, राॅबर्ट फ्रांसिस, क्रिस्टेाफर नरोन्हा, सुधीर पावेल शिथिलता लाने की मांग की है।



