संस्कृति के जागरण में स्वंय का योगदान हमारा कर्तव्य: स्वामी अशोकानंद

जबलपुर दर्पण। सनातन धर्म में सर्व मंगल की कामना से धार्मिक वैदिक अनुष्ठानों को भक्त करते हैं। श्रीहरि नारायण भक्त जनों के संकटों का नाश करने के लिए नित्य अवतरित होते हैं सिर्फ भाव और भावनात्मक लगाव रखने की आवश्यकता है। भारतीय संस्कृति के जागरण में हमारे योगदान को सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है। उक्त उद्गार स्वामी अशोकानंद महाराज ने माघ मास के पुनीत पावन अवसर पर श्री मुख से घड़ी चौक, विजय नगर जबलपुर में श्रीमद्भागवत का महाराज जी ने व्यासपीठ से भागवत कथा श्रवण कराई। श्रीमद्भागवत कथा पुराण सप्ताह के दिव्तीय दिवस चंद्रा परियानी, मुख्य यजमान अशोक मंजू परियानी, महेश भावना परियानी से श्रीमद्भागवत पुराण, व्यासपीठ का पूजन अर्चन आरती आचार्य आशीष महाराज, पुष्पराज तिवारी , विजय पंजवानी, पार्थ, निखिल, जसिका, कविशसहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त जनों की उपस्थिति रही।



