छात्रसंघ चुनाव को लेकर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई — राज्य सरकार से निर्देश प्राप्त करने हेतु विश्वविद्यालयों ने मांगा समय, अगली सुनवाई 5 अगस्त को

जबलपुर मध्यप्रदेश में छात्रसंघ चुनावों की बहाली को लेकर दायर जनहित याचिका में आज मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर के चीफ जस्टिस श्री संजीव सचदेवा एवं न्यायमूर्ति श्री विनय सराफ की खण्डपीठ के समक्ष सुनवाई हुई।
याचिकाकर्ता अदनान अंसारी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रकाश उपाध्याय, अधिवक्ता अक्षर दीप ने पैरवी की। सुनवाई के दौरान विभिन्न विश्वविद्यालयों के अधिवक्ताओं ने कहा कि वे सरकार से आवश्यक निर्देश प्राप्त करने के पश्चात ही इस विषय में जवाब प्रस्तुत कर सकते हैं।
कोर्ट ने उन्हें समय देते हुए मामले को आगामी 5 अगस्त 2025 को पुनः सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।
यह याचिका प्रदेश के समस्त विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव की पुनः बहाली के लिए दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि लिंगदोह समिति की सिफारिशों और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद 2017 से अब तक छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए गए हैं। जबकि छात्रों से ₹250 प्रति वर्ष “छात्रसंघ शुल्क” लिया जा रहा है।
इस मामले में पूर्व में दिनांक 31 जनवरी 2025 को भी कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए संशोधित पक्षकार सूची दाखिल करने और सभी विश्वविद्यालयों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे।
छात्र नेता अदनान अंसारी ने कहा:
“हमने पहले सरकार से गुहार लगाई, ज्ञापन सौंपे, प्रदर्शन किए — लेकिन जब सरकार ने छात्रों की आवाज़ अनसुनी कर दी, तब हमने अदालत का दरवाज़ा खटखटाया। अब यह लड़ाई अदालत में है, और हम आखिरी दम तक छात्रों के हक की लड़ाई लड़ेंगे।”



