शिवसेना ने संस्कारधानी अस्पताल पर फर्जीवाड़े का आरोप, मान्यता रद्द करने की मांग 🏥🙏

जबलपुर दर्पण । शिवसेना ने लगाए संस्कारधानी अस्पताल करमेता के मालिकों द्वारा कूट रचित व फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निर्माण व अन्य विधि विरुद्ध कार्य करने का आरोप
शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्र बारी के नेतृत्व में शिवसेना के प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर महोदय के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार राजेश सिंह को सौंपा जिसमें शिवसैनिकों ने आरोप लगाया कि करमेता क्षेत्र स्थित संस्कारधानी अस्पताल भवन के मालिकों द्वारा फर्जी दस्तावेजों को बनवाकर और उसका दुरुपयोग करके और डॉक्टर रोहित चतुर्वेदी द्वारा उनका अवैध प्रयोग वा डॉक्टर संजय मिश्रा सीएमएचओ द्वारा उन फर्जी दस्तावेजों की जानकारी होने पर भी उसकी अनदेखी कर उनके खिलाफ कार्रवाई ना कर उन दस्तावेजों को मान्यता देने निरंतर अस्पताल चलाने हेतु अवैध संरक्षण देने के अपराधों पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई प्रकरण की जांच कर की जाए तथा शहर में इसी प्रकार चल रहे निजी अस्पतालों की मनमानी और फर्जीवाड़ा, आयुष्मान कार्ड फर्जीवाड़ा तथा नगर निगम में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियम विरुद्ध तरीके से अस्पताल संचालन कर मरीजों की जान को खतरा उत्पन्न करने जैसे साजिश रची जा रही है ऐसे अस्पतालों पर तत्काल जांच कर मान्यता रद्द कर कानूनी कार्यवाही की जाए।
शिवसेना प्रदेश प्रवक्ता पं कन्हैया रामकृष्ण तिवारी ने कहा कि शहर में इसी प्रकार से सैकड़ों निजी अस्पतालों का संचालन हो रहा है और शासन प्रशासन कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है फिर कोई बड़ी दुर्घटना होने पर लीपापोती चालू हो जाती है और जनता अपनों को खोकर इसका भुगतमान भूगतती है। अभी हाल ही में डॉ अंकित अग्रवाल ने अपने अवैध तरीके से संचालित इन्फिनिटी अस्पताल में इलाज में लापरवाही कर मरीज की जान ले ली ऐसे लोगों के लिए भी सरकार कानून बनाए। तहसीलदार राजेश सिंह जी ने आश्वासन दिया कि वह शीघ्र ही संस्कारधानी अस्पताल के दस्तावेजों की जांच कर कार्यवाही करेंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में शैलेंद्र बारी,पं कन्हैया रामकृष्ण तिवारी, मुकेश पटेल, मुकेश सराठे, सुधीर ताम्रकार, रोशन गौतेल, गजानन गुप्ता, विकास सराठे, मनीराम दाहिया इत्यादि शिवसैनिक उपस्थित थे, कार्रवाई नहीं होने पर शिवसेना ने आंदोलन प्रदर्शन की चेतावनी दी।



