मरणोपरांत अधिवक्ताओं के परिजनों को शासन से मिलने वाली राशि का नही हुआ भुगतानः तरुण भनोत

जबलपुर दर्पण । विधानसभा में पूर्व वित्त मंत्री के सवाल पर विधि एवं विधायी मंत्री का जवाब, वर्ष 2021 के 60 तो 2022 के 110 प्रकरण लंबित
विदित हो कि मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याण स्कीम, 2012 के अंतर्गत राज्य अधिवक्ता परिषद तथा राज्य शासन द्वारा मृत अधिवक्ता के आश्रित को एक-एक लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाती है | किन्तु, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मृत अधिवक्ताओं के परिजनों को इस राशि का भुगतान भी निर्धारित समय पर नही किया जा रहा है और उनके आश्रितों को परेशान किया जा रहा है | उक्त आरोप प्रदेश सरकार में पूर्व वित्त मंत्री एवं जबलपुर पश्चिम से विधायक श्री तरुण भनोत ने लगाया है |
श्री भनोत ने बताया कि उनके पास मृत अधिवक्ताओं के परिजनों की शिकायते आई थी कि अधिवक्ता परिषद द्वारा उनके हिस्से की राशि का भुगतान कर दिया गया किन्तु राज्य शासन द्वारा अपने हिस्से की राशि का भुगतान नही नही किया जा रहा है | प्राप्त शिकायतों के आधार पर विधानसभा में पूछे गए अतारांकित प्रश्न के जवाब में विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री नरोत्तम मिश्रा ने वर्ष-वार जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2021 में 474 मामले आए थे जिनमे से 60 प्रकरण लंबित है तो वही वर्ष 2022 में कूल 110 प्रकरण आए थे जिनमे से राज्य शासन द्वारा अबतक कोई भुगतान नही किया गया है |
श्री भनोत ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए बताया कि सरकार विधानसभा में झूठे आकड़ें पेश कर अपना पल्ला झाड़ने का प्रयास कर रही है | उन्होंने बताया कि सरकार के समक्ष वर्ष 2020 में 270 मामलें आए थे, उस हिसाब से राज्य शासन को एक लाख रुपये के हिसाब से 2.70 करोड़ रुपये का भुगतान करना था, लेकिन केवल 27 लाख रुपये का ही भुगतान किया गया इसका मतलब है कि आश्रितों को एक लाख के स्थान पर केवल 10 हजार रुपये का ही भुगतान किया गया |



