संतों का सानिध्य ही भगवान के विराट स्वरूप दर्शन

जबलपुर दर्पण। राम परमात्मा होते हुए भी साधु-संतों के साथ गुरू जनों की सेवा का अनुकरणीय उदाहरण दिया है। श्रीराम जीवन पर्यंत साधु महात्माओं की सेवा करने के साथ आसुरी शक्तियों का नाश करते हुए सनातनी वैदिक धर्म ध्वजा लहराई।
उक्त उद्गार अयोध्या जी से पधारे जगतगुरु रामानुजाचार्य विश्वेश प्रपन्नाचार्य जी महाराज ने कहे। चारधाम उज्जैन महामंडलेश्वर स्वामी शांतिस्वरूपानंद जी आज व्दितीय पुण्य स्मरण पर सारे देश के कौने कौने से संतों महापुरुषों ने नरसिंह मंदिर में एकत्रित हो कर समाज के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। नरसिंह पीठाधीश्वर डॉक्टर स्वामी नरसिंह दास जी महाराज ने कहा कि गुरु देव की भक्ति आराधना के आशीर्वाद से भक्तों को सांसारिक सुखों के साथ शांति प्राप्त होती है। गुरु के बताए मार्ग पर चलना ही हमारा जीवन पर्यंत लक्ष्य है।हम सभी शिष्यों को गुरूदेव की शिक्षाओं का पालन करना चाहिए। जगतगुरु श्री राधवदेवाचार्य जी महाराज ने कहा कि भगवान से मिलवाने वाला सिर्फ संत होते हैं । संत सबसे सहजता से मिलकर सभी के दुखों का अंत कर देते हैं ।चारधाम उज्जैन के महामंडलेश्वर स्वामी शांति स्वरूपानंद जी महाराज ने कहा कि श्रीश्याम देवाचार्य जी महाराज के व्दितीय पुण्य स्मरण समारोह में जैसे अर्जुन को भगवान के विराट स्वरूप के दर्शन हुए थे वैसे ही भारत वर्ष के साधु-संतों, देव पीठों के पीठाधीश्वर, महंतों के नरसिंह मंदिर में हो रहे हैं। भगवान संतों का रूप धारण कर धराधाम में पदार्पण होता है समाज कल्याण करने के बाद साकेत वासी हो जाते है । परामात्मा की गोद में बैठ जाने के बाद कोई उठा नहीं सकता भगवान को प्रेम करना चाहिए । जिनके जीवन में प्रेम होता है वो भगवान के साथ जन जन के प्यारे होते हैं। संस्कारधानी जबलपुर को जगत के संत समाज को भक्त जनों से जोड़ने का विशिष्ट कार्य सिर्फ श्रीश्याम देवाचार्य जी महाराज की प्रीति है । संतों में त्याग तपस्या के साक्षात दर्शन होते हैं। ऋषिकेश हरिद्वार के चिदानंद मुनि जी ने कहा कि राष्ट्र की गरिमा के साथ सनातन धर्म की ध्वजा संपूर्ण जगत में लहरा रही है। काशी विश्वनाथ, महाकाल, रामानुजाचार्य जी का विग्रह, के साथ सभी हिन्दू धर्म पीठों का उन्नयन हुआ है। अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगतगुरु स्वामी जितेद्रानंद जी महाराज
संस्कार धानी जबलपुर व गीता धाम नरसिंह मंदिर से जुड़े देश विदेश से आए भक्तों ने निर्मलपीठाश्धीश्वर आचार्य ज्ञानदेव सिंह जी महाराज, बड़े भक्त माल पीठाधीश्वर अयोध्या जी से कौशल किशोर दास जी महाराज, परम पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी शांति स्वरूपानंद जी महाराज केवल पीठाधीश्वर स्वामी केवल पुरी जी महाराज, जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी घनश्यामाचार्य महाराज, स्वामी गिरिशानंद जी महाराज, जगतगुरु राधवदेवाचार्य जी महाराज, महामंडलेश्वर अखिलेश्वरानंद गिरी जी, परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के चिदानंद मुनि जी, महामंडलेश्वर श्री केशव दास महाराज, महामंडलेश्वर ब्रजभूषण दास, महामंडलेश्वर
श्री हनुमानदास , स्वामी वासुदेवानंद जी, स्वामी राधे चैतन्य जी, स्वामी रंजीता नंद जी, साध्वी विभानंद गिरी जी। डॉ स्वामी मुकुंददास जी महाराज, रामकृष्ण महाराज सहित देश की वैदिक धर्म तीर्थ पीठों के साधु महात्माओं के साथ जगतगुरु डा स्वामी श्रीश्याम देवाचार्य जी की पादुका का पूजन , संत महात्माओं का स्वागत अभिनंदन आरती विहिप धर्म प्रसार अंतरराष्ट्रीय प्रमुख अशोक तिवारी, विधायक अशोक रोहाणी, रिंकू विज, पार्षद अर्चना सिसौदिया, सोनिया रंजीत सिंह,अंशुल राधवेन्द्र यादव, प्रतिभा भापकर, अभिलाष पांडे, प्रीति बाजपेई, रजनी यादव सहित भक्तों, संस्थाओं ने आशीर्वाद प्राप्त किया।
श्री सनातन धर्म महासभा के अध्यक्ष श्याम साहनी, चंद्र कुमार भनोत, अशोक मनोध्या, गुलशन माखीजा, राजेन्द्र प्यासी, विष्णु पटेल , डा पवन स्थापक, प्रवेश खेड़ा, डॉ संदीप मिश्रा, जगदीश साहू, मनोज नारंग, अंबर पुंज, नगर की धार्मिक संस्थाओं से पदाधिकारियों के साथ भक्त जनो से उपस्थिति का आग्रह किया है ।



