जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

श्रम की प्रतिष्ठा के साथ ईश्वर की आराधना ही संत बनाती है प्रशांत वाजपेयी

समरसता सेवा संगठन ने संत सेनजी महाराज की जयंती पर किया विचार गोष्ठी का आयोजन

जबलपुर दर्पण। श्रम को प्रतिष्ठा के साथ ईश्वर की आराधना ही संत बनाती है और ऐसे ही संत थे सेनजी महाराज, जिन्होंने भक्ति मार्ग पर चलकर संपूर्ण समाज को दिशा दी, उक्ताशय के उद्गार प्रखर वक्ता, विचारक एवँ समाजसेवी श्री प्रशांत वाजपेयी ने समरसता सेवा संगठन द्वारा संत सेनजी महाराज की जयंती पर आयोजित विचार गोष्ठी के अवसर में मानकुंवर मैरिज हाल दीनदयाल चौक में दिए। मुख्य वक्ता के रूप में विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए श्री वाजपेयी ने कहा भारत मे धर्म पर चर्चा हमेशा से होती आई है और धर्म की सही परिभाषा को हम नही समझ पाए और हिन्दू, इस्लाम, क्रिश्चियन, बौद्ध, जैन में बांटते गए किन्तु धर्म की सही परिभाषा है कि हम अपने आसपास जुड़े लोगों के लिए जो अच्छा सोचते और करते है वह धर्म है जैसे माता और पिता के लिए पुत्र का धर्म, शिष्य का गुरु के लिए शिष्य धर्म, पड़ोसी का पड़ोसी के लिए पड़ोसी धर्म और मानव का दूसरे मानव के लिए मानव धर्म, इसे हमारा धर्म माना जाता है किंतु उसकी परिभाषा बदल दी गई इसी के साथ अलग अलग समाजो में लोगो को बांट दिया गया जबकि पूर्वकाल में जाति या समाज जन्म से नही अपितु कर्म से तय होते थे और कोई किसी भी जाति या समाज का हो उसका आदर और सम्मान सभी करते थे किंतु कालान्तर में मुगलों और अंग्रेजों ने हमें तोड़ने का कार्य किया और जाति समाज मे विभक्त कर दिया जिसका परिणाम हुआ कि देश मे संत महात्माओं और महापुरुषों ने पूरे समाज को जो संदेश दिया वह अपनी अपनी जाति में बंध कर रह गया। उन्होंने कहा सभी महापुरुषों और संत महात्माओं के विचारों को जन जन तक पहुँचाने और सबको समरसता के सूत्र में पिरोने की समरसता सेवा संगठन के माध्यम से यह सार्थक पहल है और आगे इसी तरह आने वाली जयन्ती के कार्यक्रम में सभी समाज जाति के लोग शामिल होकर कार्यक्रम में समरसता का संदेश देंगे ऐसी अपेक्षा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी श्री प्रदीप विश्वकर्मा ने की एवँ सेन समाज की ओर से श्री संतोष उसरेटे, श्री मोहन उसरेटे विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम की प्रस्तावना एवँ स्वागत भाषण देते हुए संगठन के अध्यक्ष श्री संदीप जैन ने कहा सभी समाज के आराध्य महापुरुषों की जयंती को समरसता सेवा संगठन द्वारा इसी तरह विचार गोष्ठियां एवँ सम्मान समारोह आयोजित कर मनाया जाएगा जिसकी शुरुआत विगत दिवस परम पूज्य स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज के शुभाशीष से हुई है। उन्होंने बताया प्रथम कार्यक्रम के पश्चात बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई गई थी इसके बाद सेन जी महाराज की जयंती पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसी क्रम में आगामी 22 अप्रैल को भगवान परशुराम की जयंती के कार्यक्रम भी संगठन द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम में सेन समाज के वरिष्ठ जनो का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन धीरज अग्रवाल एवं आभार सचिव उज्ज्वल पचौरी ने व्यक्त किया। इस अवसर पर नारायण प्रसाद श्रीवास, विजय सेन, उमाशंकर सेन, जयश्री सेन, केएल सेन, नरेंद्र श्रीवास, गुरु श्रीवास, राजेश कुमार श्रीवास, लखनलाल सेन, गौरीशंकर सेन, संतोष सेन, प्यारेलाल श्रीवास, अशोक श्रीवास, रामचरण उसरेटे, शिवबहादुर सेन आदि का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में संगठन के अखिल मिश्रा, राजीव राठौर, अरुण अग्रवाल, राजेश ठाकुर, अनिल सोनी, अजय यादव, रामेश्वर चौधरी, अजय सोनकर, संतोष झारिया, कुलदीप सेन, विजय यादव, राहुल दुबे, अभिषेक तिवारी, राहुल जैन, अमित जैन बासु, रवि शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, विशाल साहू, वैभव जैन, गौरव मांझी आदि उपस्थित थे।

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