गुड्स ट्रांसपोर्ट टेक्निक एसोसिएशन के नाम से फर्जीवाड़ा कर रहे कुछ धोखेबाज

जबलपुर दर्पण। जबलपुर गुड्स ट्रांसपोर्ट टेक्निक एसोसिएशन के सैकड़ों पदाधिकारियों ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक तुषारकांष विद्यार्थी से मिलकर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वालों पर एफआइआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। एसपी ने पदाधिकारियों को आश्वासन दिया कि मामले की सूक्ष्म जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दोपहर साढ़े 12 बजे सिविल लाइन स्थित पुलिस अधीक्षक पहुंचे पदाधिकारियों ने कहा कि अरुण दुबे, हरि सिंह ठाकुर, महेन्द्र सिंह ठाकुर मिलकर जबलपुर गुड्स ट्रांसपोर्ट टेक्निक एसोसिएशन संस्था के
फर्जी चुनाव करा लिए। मात्र 7 व्यक्तियों की उपस्थितियों में जिसमे 2 जीवित पदाधिकारी के भी फर्जी हस्ताक्षर 20 जून 2022 कराकर पदाधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर करके उप पंजीयक फर्म्स एवं सोसायटी के कार्यालय में वर्ष 1998 से 2022 तक का आय-व्यय का विवरण एक ही राइटिंग में प्रस्तुत किया है। फर्जीवाड़ा करके उपरोक्त तीनों व्यक्ति फर्जी तौर पर उक्त संस्था के पदाधिकारी बन गए।
खातों में लाखों रुपए की एफडी जमा, कर सकत हैं गोलमाल
पदाधिकारियों ने कहा कि हमारी संस्था की लाखों की एफडी हैं जो यूनियन बैंक शाखा गोपाल बाग, बल्देवबाग में जमा हैं। हमें लगता है कि इन लोग उक्त संस्था की एफडी को खुर्द बुर्द कर सकते हैं। वर्ष 1998 से 2022 तक जो आय व्यय का विवरण एक दिन में 24 साल का बनाकर सहायक पंजीयक फर्म्स एवं सोसायटी के कार्यालय में प्रस्तुत किया है। विवरण में पूर्व अध्यक्ष स्व़ गुलाब यादव के फर्जी हस्ताक्षर हैं। इतना ही नही उपाध्यक्ष स्व. ज्ञान सिंह आहूजा, सह सचिव सतीश लारिया, संयुक्त सचिव अजय जैन, कोषाध्यक्ष सुधीर भागचंदानी के सभी के फर्जी हस्ताक्षर करके विवरण प्रस्तुत किया है। अरूण दुबे, हरी सिंह ठाकुर, महेन्द्र सिंह ठाकुर ने हमारी संस्था के फर्जी पदाधिकारी बनकर उच्च न्यायालय में 5 पिटीशन व 2 प्रकरणों में इंटर विनर बनके हमारे सदस्यों के ट्रांसपोर्ट नगर के प्लाट जो नगर निगम द्वारा लीज पर आवंटित किए गए हैं उनकी फर्जी शिकायत करके निरस्त कराने कूटनीतिक रचना रची गई है एवम व्यापारियों को ब्लैक मेलिग करके अवैध वसूली की मांग की जा रही हे। यह कि उपरोक्त तीनों व्यक्तियों ने ट्रांसपोर्ट व्यापारियों से लाखों रूपये चंदा किया, जिसका कोई भी हिसाब किताब पंजीयन कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया न ही कोषाध्यक्ष सुधीर भागचंदानी को कोई जानकारी दी



