विद्युत कर्मियों की मांगों को लेकर आंदोलन

जबलपुर दर्पण । मध्य प्रदेश विद्युत मण्डल की उत्तरवर्ती कंपनियों के संगठनों की सयुक्त बैठक सम्पन्न । सभी संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा निजीकरण और विद्युत कर्मियों एवम विद्युत उपभोक्ताओ के हितों की लड़ाई साथ मिल कर लड़ेगे ।
बुधवार को विद्युत कंपनियों के विभिन्न संगठन के पदाधिकारियों की सयुक्त बैठक अभियन्ता संघ द्वारा ऑनलाइन गूगल मीट के माध्यम से सम्पन्न हुई। अभियंता संघ के आह्वान पर उपस्थित विदूयुत कंपनियों के संगठन के पदाधिकारियों ने बताया की मध्य प्रदेश का ऊर्जा क्षेत्र विषम दौर से गुजर रहा है, विद्युत कंपनियों को निजीकरण करने हेतु लगातार प्रयास सरकार द्वारा किया जा रहा है । ऐसी परिस्थित मे विद्युत कंपनियों को बचाने के लिए सयुक्त प्रयास ही विकल्प है। सरकार द्वारा इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट, टी. बी. सी. बी. और ज्वाइंट वेंचर के माध्यम से कंपनियों को निजीकरण करने की तैयारी कर रही है, जिससे विद्युत कर्मी और पेंशनर असुरक्षित महसूस कर रहे है तथा भविष्य के प्रति चिंतित है |सहायक अभियंता एवं कनिष्ठ अभियंता से नियुक्त अभियंताओं को द्वितीय ओर तृतीय वेतनमान 3 विलोपित करते हुए पी बी 4 का वेतनमान प्रदान किया जाए |संविदा कर्मियों को समय पर वेतन वृद्धि एवं महंगाई भत्ते दिए जाएं, कंपनी में कार्य करते हुए 8 वर्ष से अधिक हो गए है उन्हें नियमित किया जाए | विधुत कंपनियों में कार्यरत बाह्यय स्त्रोत कर्मचारियों को सेवाएं तेलंगना, दिल्ली एवं हिमाचल की तरह सुरक्षित की जाए, एवं दुर्घटना बीमा 20लाख या इससे अधिक का प्रदान किया जाए, एवं सभी निकाले गए अनुभवी कर्मियों को वापस लिया जाए |समस्त कर्मियों के सभी वर्गों की वेतन विसंगति को समाप्त किया जाए एवं लंबित फ्रिंज बेनिफिट ,इलेक्ट्रिसिटी रिबेट 50% प्रदान की जाए |कंपनियों में वर्षों से लंबित संगठनात्मक संरचना का तुरंत पुर्न निर्धारण कर रिक्त पदों पर नई भर्तियां की जाए |सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को वरिष्ठता के आधार पर चालू प्रभार दिए जाएं| सरकार और प्रबंधन द्वारा लगातार विद्युत कर्मियों मांगों को नजरंदाज किया जा रहा है, जिसके कारण विद्युत कर्मियों मे रोष व्याप्त है। सभी संगठन प्रमुख ने कहा है कि सरकार और प्रबंधन की हठधर्मिता से सभी विद्युत कर्मी आर पार की लड़ाई के लिए तैयार है।
सयुक्त बैठक मे उपस्थित विद्युत कंपनियों के संगठनो ने कहा है कि इस सप्ताह के अंत तक आपसी सहमत से मध्य प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र को बचाने के लिए विद्युत कर्मियों एवम विद्युत उपभोक्ताओ के हितों के लिए सयुक्त रूपरेखा के साथ आंदोलन का संखनाद किया जाएगा। सयुक्त बैठक मे मध्य प्रदेश विद्युत मण्डल अभियंता संघ, मध्य प्रदेश यूनाइटेड फोरम, संविदा कर्मी संगठन, आउटसोर्स कर्मी संगठन,एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी संघठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे । अभियंता संघ के महासचिव विकास शुक्ला ने बताया है कि विद्युत कंपनियों को निजीकरण से बचाने तथा विद्युत कर्मियों के हितों की रक्षा हेतु सभी मुख्य संगठनों से चर्चा हो चुकी है जल्द ही सरकार को सयुक्त मांग पत्र दे दिया जाएगा। सयुक्त बैठक मे हितेश तिवारी, व्ही के एस परिहार, सुबोध बाजपेई, अरुण ठाकुर, रमेश कुशवाहा, जितेंद्र तिवारी, नरेंद्र चन्देल,प्रशांत भदौरिया, अरुण ठाकुर, दुर्गेश दुबे, एस के पचौरी, लोकेंद्र श्रीवास्तव, प्रदीप द्विवेदी, राहुल मालवीय, शिव राजपूत, राजिक, अजित वर्मा, अमित दाहिया, आनंद शुक्ला, हेमंत मालवीय, कपिल, रमेश सिंह, प्रभूनारायन नेमा, बैद्यनाथ, महेंद्र साहू, अरुण मालवीय, गजेंद्र चन्देलकर सहित विभिन्न संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे |



