दत्तात्रेय भगवान की गाथा से परिचित हुए भक्त

जबलपुर दर्पण। श्री दत्त भजन मंडल में श्री दत्त जयंती उत्सव नामसप्ताह के चौथे दिन सुबह धार्मिक अनुष्ठान किये गये का पारायण। सायंकालीन महाआरती मे डॉ. पी. के. मिश्रा कुलपती जनेकृविवि, डॉ. कपिल देव मिश्रा कुलपती रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, कर्नल ,कर्नल शैलेन्द्र बर्वे डॉ. अश्विन देशमुख, पंकज लोथे, ललित जोगळेकर, भूषण मुठे, जीतेश आधारताल महाराष्ट्र समाज, महाराष्ट्र समाज, रसरंग, सांस्कृतिक महिला मंडळ,
के सदस्य शामिल हुए, इसी श्रृंखला मे रात्री “स्वर गंगेच्या काठावर” इंदोर द्वारा प्रस्तुती दी जिसमे श्री दत्त चरित्र पर आधारित गीतो का समावेश था.जिसमे”ठाई ठाई गुरुरायाची मूर्ती मला दिसते”, “दत्त दत्त ऐसे लागले ध्यान”, “कंठी राम हा माझा”, “दर्शन द्या आता”, प्रज्वलन डॉ माणिक पानसे, कलाकार श्री अभय मानके, संस्था अध्यक्ष विजय भावे, सचिव शरद आठले एवं उत्सव प्रभारी चित्रा ताम्हणकर द्वारा किया गया।जिसमे श्री दत्त चरित्र पर आधारित गीतो का समावेश था. जिसमे अभय मांडके, अमृता मानके, अरुणा परांजपे, मनीषा भावे, श्रीकांत भुसारी, प्रिया चुरी, प्राजक्ता सावरकर, कौस्तुभ मुळे पल्लवी फाटक अन्वेषा दुगवेकर आदीने सुमधुर गीत गाये.हारमोनियम पर संगत श्री पंकज कायनदे ने की।. कार्यक्रम का संचालन श्री अजय फाटक ने किया.
इस अवसर पर विलास ताम्हनकर, संतोष गोडबोले,माधव गोसावी,दिलीप सप्रे,अरुण काले,स्नेहा आठले,वर्षा दांडेकर,अश्विनी परांजपे,मंगला फाटक, श्रीपाद परांजपे, विजय तेलंग, अनिल राजुरकर, अभय गोरे,मनोज हर्डीकर,गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।



