नरसिंहपुर दर्पण

चीचली नगरपरिषद अध्यक्ष शेख मंजूर को सरकार ने पद से हटाया

नरसिंहपुर दर्पण । जिले की नगर परिषद चीचली के अध्यक्ष शेख मंजूर को मध्यप्रदेश नगरीय प्रशासन विभाग ने तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। प्रारंभिक जांच में अनियमितताएं सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। शासन ने उनके कार्यकाल में हुई वित्तीय अनियमितताओं के लिए 12.18 लाख रुपए की वसूली के आदेश भी दिए हैं।

श्रमिकों की नियुक्ति में नियमों का उल्लंघन किया

मंत्रालय भोपाल से 26 फरवरी को जारी आदेश के अनुसार, नगर परिषद चीचली में दैनिक पारिश्रमिक पर श्रमिकों की नियुक्ति में नियमों का उल्लंघन किया गया था। इस संबंध में प्राप्त शिकायत के बाद कलेक्टर नरसिंहपुर द्वारा प्रारंभिक जांच कराई गई थी, जिसमें अनियमितताएं पाई गईं। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 41 क के तहत की गई है।

जांच में सामने आया कि सक्षम स्वीकृति के बिना साप्ताहिक मस्टर पर श्रमिकों को रखा गया। इस मामले में तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ नगर परिषद अध्यक्ष शेख मंजूर भी प्रथम दृष्टया जिम्मेदार है।

इनको रखने की स्वीकृति दी थी

जांच के दौरान यह भी पता चला कि पीआईसी बैठक 30 जनवरी 2023 के प्रस्ताव क्रमांक 19 के तहत छह अस्थाई श्रमिकों नूरी खान, राहुल अहिरवार, शक्ति कौरव, हरिओम कटारे, शशिन वर्मा और अबरार खान को दैनिक पारिश्रमिक पर रखने की स्वीकृति दी गई थी। यह स्वीकृति नियमानुसार नहीं थी।

इस मामले में शासन द्वारा 24 दिसंबर 2025 को अध्यक्ष शेख मंजूर को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिनों में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। उनके अनुरोध पर संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए गए और 3 फरवरी 2026 को सुनवाई भी की गई, जिसमें शेख मंजूर उपस्थित हुए और अपना प्रतिवाद प्रस्तुत किया।

उपलब्ध दस्तावेजों और जांच के आधार पर शासन

ने यह निष्कर्ष निकाला कि अध्यक्ष अपने कर्तव्यों का विधि अनुसार पालन करने में असफल रहे और उनके कार्यकाल में गंभीर अनियमितताएं हुईं। शासन की राय में उनका अध्यक्ष पद पर बने रहना लोकहित और परिषद हित में उचित नहीं पाया गया।

हाईकोर्ट में आदेश को चुनौती देने की तैयारी

नगरीय प्रशासन व आवास विभाग द्वारा अध्यक्ष पद से हटाने के आदेश को शेख मंजूर हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा कि दैनिक वेतन भोगियों को नौकरी पर रखे जाने संबंधी अनियमितता प्रदेश की अनेक परिषदों में हुई है।

इसके बावजूद सिर्फ उन पर ही कार्रवाई इसलिए की गई है, क्योंकि वे कांग्रेसी हैं। इसके पूर्व देवरी में भी अध्यक्ष को इसी तर्ज पर हटाया गया था। इसी को आधार मानकर उन पर भी कार्रवाई हुई है। वे आदेश का का विधि विशेषज्ञों से अवलोकन करा रहे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88