जगन्नाथ पुरी की तर्ज में 134वें वर्ष निकाली भव्य रथयात्रा

जबलपुर दर्पण। ‘जगन्नाथ के भात को जगत पसारे हाथ’ और ‘जय जगदीश’ के उद्घोष के साथ वात्री साहू समाज द्वारा संचालित श्री जगदीश स्वामी कर्मा माई शंकर भगवान मंदिर ट्रस्ट लॉर्डगंज द्वारा 134 वें वर्ष भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी की भव्य रथयात्रा अस्थाई मंदिर साहू धर्मशाला से निकाली गई।
साहू समाज के कोठिया श्रीकान्त साहू ने बताया साहू समाज के हमारे बुजुर्गों द्वारा 133 वर्ष पूर्व रथयात्रा की शुरुआत की गई थी और मंदिर में विराजित भगवान श्री जगन्नाथ जी, भाई बलभद्र जी, बहिन देवी सुभद्रा जी का विग्रह काठ का बना हुआ है जो कि जगन्नाथ पुरी में विराजित भगवान के विग्रह की लकड़ी से ही निर्मित है।
जगन्नाथ स्वामी की रथयात्रा साहू धर्मशाला गढ़ाफाटक से प्रारंभ हुई जो चरहाई, बड़े महावीर, बड़ा फुहारा पहुँची जहां से शहर के अलग अलग रथों के साथ भव्य रूप से अपने गंतव्य को रवाना हुई जो बड़ी खेरमाई मंदिर में समाप्त हुई। ऐसी मान्यता है कि वर्ष भर भक्त मंदिर में जाकर उनके दर्शन करते है और एक दिन भगवान भक्तों को दर्शन देने नगर भ्रमण पर निकलते है और 13 दिनों तक अपनी मौसी के घर विश्राम करते है इसके बाद उसी मार्ग से वापसी रथयात्रा निकाली जाती है जो इस वर्ष गुरु पूर्णिमा के दिन 3 जुलाई को निकाली जाएगी।
राधाकृष्ण एवँ हनुमान जी की रहे आकर्षण का केंद्र :- साहू समाज द्वारा निकाली गई रथयात्रा के दौरान राधाकृष्ण की भेषभूषा पहने नृत्य करते हुए बालक बालिका और हनुमान जी का रूप में चलने वाले बालक आकर्षण का केंद्र रहे। साहू समाज द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को खिचड़ी खिलाते हुए रथ पर विराजमान माँ कर्मा और कॄष्ण जी की मूर्ति भी आकर्षक रही। ढोल, बैंड, धमाल के साथ भगवान की जय करते हुए महिला पुरुष रथ को खींचने आतुर रहे।
इस दौरान भक्तों को मीठे भात भोग प्रसाद भी वितरित किया गया।
रथयात्रा के स्वागत हेतु यात्रा मार्ग में स्वागत मंच लगाए गए।
रथयात्रा के दौरान साँसद राकेश सिंह, भाजपा नगर अध्यक्ष प्रभात साहू, महापौर जगतबहादुर सिंह अन्नू, विधायक विनय सक्सेना, पूर्व विधायक शरद जैन, भाजपा प्रदेश मंत्री आशीष दुबे, प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, धीरज पटेरिया, नेता प्रतिपक्ष कमलेश अग्रवाल, भाजपा नेता संदीप जैन, एमआईसी सदस्य अमरीश मिश्रा, पार्षद अयोध्या तिवारी, हर्षित यादव, मुकेश राठौर के साथ शहर के गणमान्य जनो से रथयात्रा में शामिल होकर आशीर्वाद लिया।



