संस्कारधानी जबलपुर की सड़कों पर मराठी संस्कृति के विराट दर्शन

जबलपुर दर्पण। देवशयनी आषाढ़ी एकादशी का सनातन धर्म में बहुत बड़ा महत्व है । आज से श्रीहरि नारायण क्षीरसागर में चातुर्मास के लिए योगनिद्रा में लीन हो जाते हैं । वहीं मराठी भाषी परिवार श्रीहरि के विठ्ठल स्वरूप में षोडशोपचार पूजन अर्चन के साथ ही आचार्य गणों ब्रम्ह वृंदो पं नीलेश दाभोलकर, निर्णय काले, मनोज तेलग, स्वापनिल गरे, जयेश टकलकर के आचार्यत्व में महाभिषेक कर हरिनाम संकीर्तन किया। हनुमान ताल में स्थापित 300 प्राचीन श्री विठ्ठल रखुमाई मंदिर में निरंतर अभिषेक चल रहा है जो सायं काल आषाढ़ी कार्तिकी वारी महामंडल जबलपुर के तत्वावधान में आयोजित विठ्ठल वारी यात्रा के साथ संतों की पादुकाएं और पालकी यात्राओं में वारकरी संत महात्माओं के व्दारा आयोजित महाआरती के साथ चातुर्मास व्रत प्रारंभ हुआ ।
श्री विठ्ठल वारी यात्रा में भगवान श्रीहरि विठ्ठल माता महालक्ष्मी रखुमाई के श्रीविग्रहों के साथ पैदल चलते वारकरी, मराठी भाषी परिवार के युवाओं के बैंड, संत महात्माओं की पालकी, विशेष रूप से आलंदी महाराष्ट्र से पाधरी संत ज्ञानेश्वर माऊली की पादुका, शेगांव से संत गजाजन महाराज, तुकाराम महाराज, नामदेव जी, संत सेना जी महाराज, की सजी धजी पालकी और रथ पर आरूढ़ होकर भगवान भक्तों को दर्शन देने के लिए दत्त भजन मंडल गोलबाजार से
मालवीय चौक सुपर मार्केट* लार्डगंज चौक बड़ा फुहारा कमनिया गेट सराफा बाजार छोटे महावीर कोतवाली मिलौनीगंज *घोड़ा नक्काश हनुमान ताल श्री विठ्ठल रखुमाई मंदिर तक निकाली गई विठ्ठल वारी यात्रा में मराठी भाषी परिवार अपने आराध्य देव भगवान पंढरीनाथ विठ्ठल रखुमाई की आराधना करते हुए पैदल जय जय विठ्ठल जय हरि विठ्ठल, पांडुरंग हरि वासुदेव हरि, जय जय राम कृष्ण हरि नाम संकीर्तन करते हुए सदानंद गोडबोले, सुरेश पागे,हेमंत पोहरकर, डॉ शिरीष नाईक,
विजय भावे, श्रीकांत बापट, शरद आठले, भास्कर वर्तक, राजेश तोपखाने वाले, किशोर कलमकर, प्रकाश बहरे, संतोष गोडबोले, तरूण सोनोने, मनीष नाजवाले, अभय सवडतकर, पंकज वैध,
मिलिंद कदम, प्रवीण विप्रदास, प्रवीण मज़ूमदार, नितिन देसाई,विध्येश भापकर सहित बड़ी संख्या में वारकरी मराठी भजनों को गाते हुए विठ्ठल वारी यात्रा में शामिल थे ।
वारी यात्रा में महिला मंडल लाल रंग की नववारी, पैठनी साडी पाऊल भजन, अंभग गाते हुए , रिगंण फिरनी , चकरी नृत्य के साथ लावणी नाचते गाते हुए पूर्व महापौर डा स्वति गोडबोले, प्रतिभा भापकर, जया पागे, प्राजक्ता विप्रदास, प्रेरणा पोहरकर, रंजना वर्तक, निलिमा देशपांडे, प्रीति गोरे, प्रांजली मज़ूमदार, मंजू देशमुख, छाया दंवडे, रेखा पाटिल, राधिका बेहेरे,
सोनल उज्जैनकर, प्रीति जोशी, रेखा भालेराव, वंदना गणोरकर,
, सीमा तोपखाने वाले, छाया कलमकर ,तेजश्री नाजवाले, श्वेता गोडबोले, छाया बापट, आभा रानाडे,
वर्षा दांडेकर, सुजाता दामले, अरूणा, सहित आषाढी कार्तिकी वारी महामंडल जबलपुर के सैकड़ों भक्त जन चल रहे थे ।
मराठी भाषी परिवार के युवाओं का जोश ढोल नगाड़ों ताशो के साथ वारी यात्रा में आनंद वर्षा करते हुएहर्षल पुणतांबेकर, आशुतोष गोडबोले, ज्ञानेश पोहरकर, सर्वेश परांजपे, साईकृष्णा पाटील, सौरभ बापट, सजल शहाडे, श्यामल शेवडे़, केऊर चौधरी, चिन्मय जोशी, प्रद्युम्न,अजिंक्य, आर्यन, गौरव, तनिष्क चल रहे थे
वारी यात्रा में पहली बार बालिका मंडल की श्रेया चौधरी, प्रतिभा डबली, राधिका गोडबोले, सर्वेशा पिंगळे, समीक्षा मस्के, निर्मिती डबली, अनन्या कदम, समृद्धी वर्तक, जानवी, सायली चल रही थी ।
जैसा सर्व विदित है कि भगवान के साथ भक्त की आराधना का महापर्व आषाढ़ी एकादशी को आषाढ़ी कार्तिकी वारी महामंडल जबलपुर में महाराष्ट्र पंढरपुर की तर्ज पर 18 दिवसीय श्री विठ्ठल रखुमाई संत ज्ञानेश्वर माऊली की चक्रीय आरती का आयोजन शहर के विभिन्न मंदिरों और देवालयों में करती है , और आज वारी यात्रा के साथ विधिवत पूजन अर्चन आरती के साथ विश्राम हुआ।
वारी यात्रा का दत्त भजन मंडल, मराठी गलाई संघ, सनातन धर्म महासभा जबलपुर, सराफा एसोसिएशन, लार्डगंज व्यापारी संघ, जैन समाज, छोटे महावीर कोतवाली, बलदाऊ जी महाराज मंदिर, नारायणी सेना, शानू मित्र मंडल, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सहित अनेक सामाजिक सांस्कृतिक संगठनों ने स्वागत अभिनंदन करते हुए पुष्प वर्षा कर भगवान श्री हरि विठ्ठल माता रखुमाई संग संत ज्ञानेश्वर माऊली की आरती उतारी ।



