शासकीय शिक्षा महाविद्यालय जबलपुर में एम. एड. पाठयक्रम की बढ़ाई जाएँ सीटें

जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार शासकीय शिक्षा महाविद्यालय, जबलपुर लगभग 150 वर्ष पुराना जो कि प्रदेश का ऐतिहासिक महाविद्यालय माना जाता है, वहां केवल 20 सीटें एम.एड. पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित है।जबकि इस महाविद्यालय से 9 जिले जुड़े हैं जबलपुर, कटनी, मंडला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सिवनी,बालाघाट, नरसिंहपुर, एवं बैतूल , जहां से प्रतिवर्ष प्रशिक्षणार्थियों को प्रवेश दिया जाता है।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर के अनुसार यह महाविद्यालय लगभग 150 वर्षों से अधिक पुराना है और इस महाविद्यालय में एम. एड. के लिए मात्र 20 सीटें राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल द्वारा दी गई है, जो कि इस ऐतिहासिक महाविद्यालय के लिए नाइंसाफी है।जबकि अन्य महाविद्यालय में भोपाल में 50 सीटें एवं राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान जबलपुर में 50 सीटें ,खंडवा में 50 सीटें, ग्वालियर में 50 सीटें, रीवा में 50 सीटें, छतरपुर में 50 सीटें उज्जैन में 20 सीटें एम एड पाठ्यक्रम की दी गई है। जबकि जबलपुर में बी. एड. प्रक्षिणार्थियों की 215 सीटें निर्धारित है। ऐसे में 09 जिलों के प्रक्षिणार्थियों के साथ नाइंसाफी स्पष्ट दिखाई दे रही है।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के दिलीप सिंह ठाकुर, आशीष यादव, शैलेश पंड्या, आशीष विश्वकर्मा, रवि विश्वकर्मा, अजय लोधी, प्रशांत श्रीवास्तव, माधव पाण्डेय, बहादुर पटेल, बैजनाथ यादव, विवेक साहू, दिलीप साहू, श्याम सुन्दर शुक्ला, नीरज बाजपेई, सूर्यकान्त मिश्रा, नारायण गौंड, शिव यादव, ऋषि पाठक, धर्मेंद्र परिहार, नितिन तिवारी, दुर्गेश खातरकर, अंजनी उपाध्याय, सुनीता जॉर्ज, जया शुक्ला, अनीता वर्मा, शारदा मंडाले, मनोरमा ठाकुर, अनुराधा नामदेव, संध्या पटेल, ज्योति कुमरे, राजेश्वरी दुबे, गीता कोल, सरोज कोल, दीपिका चौबे, पुष्पा रघुवंशी, चंदा सोनी, कल्पना ठाकुर, ममता पटेल, सतीश खरे, गंगाराम साहू, भोगीराम चौकसे, सुधीर गौर, चंद्रभान साहू, महेश मेहरा, भोजराज विश्वकर्मा, भास्कर गुप्ता, जी आर झारिया, सुरेंद्र परसते, आदेश विश्वकर्मा, विश्वनाथ सिंह, आकाश भील, अजब सिंह, सुल्तान सिंह, देवराज सिंह, इमरत सेन, डेलन सिंह, विष्णु झारिया, कमलेश दुबे, राशिद अली, राकेश मून, पवन सोयाम, रामकिशोर इपाचे, रामदयाल उइके, विशाल सिंह, आसाराम झारिया, समर सिंह, अफ़रोज़ खान, रवि केवट, मनोज कोल, जागृति मालवीय, क्षिप्रा सिंह, ब्रजवती आर्मो, पूर्णिमा बेन, अम्बिका हँतिमारे, योगिता नंदेश्वर, भागीरथी परसते, शबनम खान, शायदा खान इत्यादि ने श्रीमान आयुक्त,राज्य शिक्षा केंद्र,भोपाल एवं शासन- प्रशासन से मांग की है,कि अतिशीघ्र समस्त प्रक्षिणार्थियों का ध्यान रखते हुए शासकीय शिक्षा महाविद्यालय जबलपुर में 50 सीटें अनिवार्य रूप से दीं जावे ताकि 09 जिलों के प्रक्षिणार्थी अपने उज्जवल भविष्य हेतु प्रवेश लें सकें।



