बी.आर.सी. कार्यालय का कारनामा उजागर
जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार राज्य शिक्षा केंद्र, भोपाल द्वारा निशुल्क पाठ्य पुस्तकें जो कि अप्रैल माह में ही प्रदेश के सभी जिलों को छात्र -छात्राओं को वितरण हेतु भेज दीं गई थीं परन्तु नगर की ऐसी अनेक शालाएं हैँ जहाँ अभी तक निशुल्क पाठ्य पुस्तकें नहीं पहुंच सकीँ।अब जबकि बारिश के मौसम में परिवहन द्वारा भेजने में पुस्तकें गीली भी हो रही है साथ ही साथ भंडार में रखीं पुस्तकें भी ख़राब हो रही है,यदि ये पुस्तकें शाला प्रवेश उत्सव में समय पर वितरित की जाती तो नन्हें- मुन्ने बच्चों को भी अति प्रसन्नता होती किन्तु इस तरह के अनुपम विचार एवं बच्चों के हित के बारे में बी.आर.सी. कार्यालय में पहल नहीं देखी जाती ।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के दिलीप सिंह ठाकुर, शैलेश पंड्या, बैजनाथ यादव, दिलीप साहू, प्रशांत श्रीवास्तव, विवेक साहू, रवि विश्वकर्मा, माधव पाण्डेय, आशीष विश्वकर्मा, अजय लोधी, बहादुर पटेल, संदीप भागवत, श्याम सुन्दर शुक्ला, शिव यादव, नारायण गौंड, ऋषि पाठक,दुर्गेश खातरकर,सतीश खरे, सुधीर गौर,राकेश मून, पंकज हल्दकार,महेश मेहरा, भोजराज विश्वकर्मा, गंगाराम साहू, भोगीराम चौकसे, अंजनी उपाध्याय, चंद्रभान साहू, देव सिंह भवेदी, विष्णु झारिया,भास्कर गुप्ता,जी आर झारिया,धर्मेंद्र परिहार, नितिन तिवारी, संदीप परिहार,विश्वनाथ सिंह, आकाश भील, आदेश विश्वकर्मा, आदेश विश्वकर्मा, कमलेश दुबे,सुरेंद्र परसते, राशिद अली, विशाल सिंह,देवेंद्र राजपूत,अजब सिंह, देवराज सिंह, सुल्तान सिंह,इमरत सेन, डेलन सिंह, आसाराम झारिया, समर सिंह, अजय श्रीपाल, अफ़रोज़ खान, रवि केवट,मनोज कोल, पवन सोयाम, रामदयाल उइके, रामकिशोर इपाचे, मोदित रजक,पुष्पा रघुवंशी, चंदा सोनी, कल्पना ठाकुर, अनुराधा नामदेव, संध्या पटेल, मनोरमा ठाकुर, दीपिका चौबे, रेनू बुनकर, अर्चना भट्ट, जया शुक्ला, सुनीता जॉर्ज, शारदा मंडाले, अम्बिका हँतिमारे, प्रेमवती सोयाम, योगिता नंदेश्वर, पूर्णिमा बेन, सिया पटेल,ब्रजवती आर्मो, गीता कोल, राजेश्वरी दुबे, सरोज कोल, भागीरथी परसते, क्षिप्रा सिंह, जागृति मालवीय, शबनम खान, शायदा खान इत्यादि ने वरिष्ठ सक्षम अधिकारियों से मांग की है, कि शहरी क्षेत्रों के प्रत्येक स्कूल में सही-सलामत,उचित मौसम में सुरक्षित परिवहन द्वारा निशुल्क पाठ्य पुस्तकें शीघ्र -अतिशीघ्र भेजीं जावे ताकि बच्चे सालभर उसे सुरक्षित रख कर अध्ययन कर सकें।



