जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

निशुल्क गणवेश वितरण योजना में झोल

जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार शासन -प्रशासन द्वारा शासन द्वारा कक्षा 1ली से 8 वीं तक की शासकीय शालाओं में प्रतिवर्ष छात्र-छात्राओं को निःशुल्क गणवेश वितरण हेतु 600 रुपए प्रदत्त किये जाते हैँ किन्तु शासन -प्रशासन द्वारा इन नन्हें -मुन्ने बच्चों की गणवेश वितरण हेतु स्व सहायता समूह को कपड़े सिलकर प्रत्येक स्कूल में समय पर पहुंचाने का ठेका दिया जाता है। समस्त शासकीय शालाओं से प्रतिवर्ष छात्र-छात्राओं के नाप( साइज़) की संख्या सूची वरिष्ठ कार्यालय को सौंपी जाती है जबकि वर्ष/सत्र 2021-22 की गणवेश छात्र-छात्राओं को प्राप्त ही नहीं हुई। वर्ष /सत्र 2022-23 की गणवेश सत्र समाप्त होने के बाद माह जून में भेजीं गई किन्तु वो भी जो नाप (साइज़ ) एवं पर्याप्त संख्या में शालाओं में प्राप्त ही नहीं हुई जबकि शिक्षकों द्वारा जो नाप (साइज़ )पूर्व में छात्र-छात्राओं के दिये गये थे वो उन्हें प्राप्त नहीं हुए।अब शिक्षक करे तो क्या….?

ध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर के अनुसार जब कभी शिक्षक गणवेश निर्माता से बोलता है तो वह बोलते हैं,कि हमें वरिष्ठ कार्यालय से यह नाप (साइज़) प्राप्त हुए थे ध्यान देने योग्य बात ये है कि स्व- सहायता समूह द्वारा गणवेश निर्माण नहीं की गई जहाँ तक किसी अन्य सप्लायर द्वारा क्रय कर भेज दी गई किन्तु जब शासन द्वारा प्रत्येक छात्र -छात्राओं की दो जोड़ी यूनिफार्म हेतु 600/- रुपए दिए गए तो लेट लतीफी क्यों की गयी और गुणवत्तापूर्ण यूनिफार्म क्यों नहीं प्रदान की जाती है।…? वर्तमान समय में कक्षा 1 से 5 तक के छात्र हाफ पैंट पहना नहीं चाहते, ठंड के समय तो उन्हें काफी दिक्कत होती है। इन नन्हें -मुन्ने गरीब छात्र-छात्राओं को यदि गणवेश नाप (साइज़ )एवं गुणवत्तापूर्ण में भी स्व- सहायता समूह द्वारा सहयोग नहीं किया जाता तो शिक्षक के साथ छात्र-छात्राओं को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के दिलीप सिंह ठाकुर, भास्कर गुप्ता, जी आर झारिया, विश्वनाथ सिंह,धर्मेंद्र परिहार, ऋषि पाठक, दुर्गेश खातरकर,नितिन तिवारी,माधव पाण्डेय,आकाश भील, आदेश विश्वकर्मा,शैलेश पंड्या,सतीश खरे, बैजनाथ यादव, रवि विश्वकर्मा, अजय लोधी, बहादुर पटेल, श्याम सुन्दर शुक्ला, शिव यादव, नारायण गौंड, विवेक साहू, प्रशांत श्रीवास्तव,आशीष विश्वकर्मा, संदीप भागवत, सुधीर गौर, पंकज हल्दकार, देवेंद्र राजपूत, अफ़रोज़ खान, रवि केवट, राकेश मून, महेश मेहरा, भोजराज विश्वकर्मा, गंगाराम साहू, भोगीराम चौकसे, सुधीर गौर, संदीप परिहार,देव सिंह भवेदी, अंजनी उपाध्याय, चंद्रभान साहू, सुरेंद्र परसते, अजब सिंह, सुल्तान सिंह, देवराज सिंह, इमरत सेन, डेलन सिंह, अजय श्रीपाल,आसाराम झारिया, समर सिंह, पवन सोयाम, मनोज कोल, रामदयाल उइके, रामकिशोर इपाचे, मोदित रजक, अनुराधा नामदेव, संध्या पटेल, रेनू बुनकर, अर्चना भट्ट, पुष्पा रघुवंशी, चंदा सोनी, कल्पना ठाकुर, शारदा मंडाले, दीपिका चौबे, राजेश्वरी दुबे,अम्बिका हँतिमारे, योगिता नंदेश्वर, पूर्णिमा बेन, जया शुक्ला, सुनीता जॉर्ज,प्रेमवती सोयाम, भागीरथी परसते, सिया पटेल, मनोरमा ठाकुर, क्षिप्रा सिंह, जागृति मालवीय, शबनम खान, शायदा खान इत्यादि ने शासन -प्रशासन से मांग की है, कि प्रतिवर्ष नवीन शैक्षणिक सत्र में जो नाप (साइज़ )स्कूलों द्वारा दिया जाता है, उसे उचित समय पर नाप (साइज़ )एवं गुणवत्तापूर्ण गणवेश वितरण योजना का लाभ नन्हें -मुन्ने बच्चों को समय पर दिया जावे ।

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