अवैध होर्डिंग को हटाने में नपा प्रशासन का छूट रहा पसीना

सीधी जबलपुर दर्पण । नगर पालिका परिषद सीधी द्वारा होर्डिंग का टेंडर जारी करने के बाद भी अवैध होर्डिंग को नहीं हटाया जा रहा है, टेंडर प्राप्त करने वाले ठेकेदार द्वारा इस संबंध में कई बार नगर प्रशासन को पत्र लिखा गया लेकिन राजनीतिक पकड़ का दम भरने वाले अवैध होर्डिंग संचालको के आगे नगर प्रशासन मूक बना हुआ है। सवाल यह उठता है कि जब नगर प्रशासन के बस में नगर पालिका की कमान नहीं है तो फिर किसके दम पर टेंडर निकाला गया था। और निकाला गया तो अवैध होर्डिंग को हटाया क्यों नहीं जा रहा। उल्लेखनीय हैं कि अवैध होर्डिंग संचालकों के आगे नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह से नतमस्तक है। इसी वजह से तमाम शिकायतों एवं विरोध के बावजूद अवैध होर्डिंग्स पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। हालात यह है कि अवैध होर्डिंग्स लगाने वाले संचालक अपनी राजनीतिक पहुंच का दंभ भरते हैं। उनके द्वारा कहा जाता है कि उनके ऊपर नगर पालिका की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जावेगी। ऐसा नजर भी आ रहा है। लगातार विरोधों एवं शिकायतों के बाद नगर पालिका की ओर से अवैध होर्डिंग्स पर न तो कोई कार्रवाई की जा रही है और न ही हटाई जा रही हैं, और न ही अवैध होर्डिंग्स को रोंकने के लिए कोई जहमद उठाने की जरूरत समझी जा रही है। इसी वजह से सीधी शहर की मुख्य सडकें एवं चौराहे अवैध होर्डिंग से पटे हुए हैं। नगर पालिका सीधी के जिन कर्मचारियों के ऊपर अवैध होर्डिंग्स पर कार्रवाई सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी है वह पूरी तरह से तमाशबीन बने हुए हैं। अवैध होर्डिंग्स को लेकर नगर पालिका परिषद के पार्षदों में भी विरोध के सुर उठ रहे हैं। कई पार्षदों का कहना था कि नियम विरुद्ध शहर में लगाई जा रही अवैध होर्डिंग्स पर कार्रवाई न करके जिम्मेदार अधिकारी एवं कर्मचारी यह साबित कर रहे हैं कि उनकी सहमति से ही यह सबकुछ गोरखधंधा चल रहा है। होर्डिंग्स लगाने के लिए नगर पालिका द्वारा टेंडर की कार्रवाई काफी पहले पूर्ण की गई है। शहर में नियमानुसार होर्डिंग्स लगाने की जिम्मेदारी रीवा के ठेकेदार विभू सूरी को सौंपी गई है। वहीं दूसरी ओर शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में नई व्यवस्था के अनुसार होर्डिंग्स लगाने के लिए कई जगह पोल भी लग चुके है। नई व्यवस्था के तहत होर्डिंग्स लगाने के लिए क्या कार्रवाई चल रही है इसकी जानकारी भी सार्वजनिक करने की जरूरत नहीं समझी जा रही है।



