दिव्यांगों के सुविधा के लिए नियमित तकनीकी कर्मी नियुक्त करे प्रशासनः तरुण भनोत
जिला निःशक्तजन कल्याण एवं पुनर्वास केंद्र पर सुविधाओं का टोटा, दिव्यांगों की शिकायत को पूर्व वित्त मंत्री ने प्रमुख सचिव को जताया

जबलपुर दर्पण । जिला स्तर पर जिला निःशक्तजन कल्याण एवं पुनर्वास केंद्र का भवन तो है, किन्तु अपने कार्यों के लिए केंद्र पर पहुँच रहे दिव्यांगों को लेकर शासन-प्रशासन की घोर उदासीनता और लापरवाही दिव्यांगों के अधिकारों पर कुठाराघात है | जिले के दूर-दराज के क्षेत्र से केंद्रों पर पहुँच रहे दिव्यांगों को केंद्र पर तकनीकी कर्मी के उपलब्ध नही होने के कारण जबलपुर स्थित जिला निःशक्तजन कल्याण एवं पुनर्वास केंद्र, घमपुर से खाली हाथ लौटने पर मजबूर होना पड़ रहा है और जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए है | उक्त आरोप प्रदेश सरकार में पूर्व वित्त मंत्री एवं जबलपुर पश्चिम से विधायक श्री तरुण भनोत ने दिव्यांगों के शिकायत के आधार पर सामाजिक न्याय विभाग के प्रमुख सचिव को प्रेषित पत्र में लगाया गया है |
श्री भनोत द्वारा प्रमुख सचिव को प्रेषित पत्र में बताया कि विभाग द्वारा दिव्यांगों के देखरेख और समस्याओं के निराकरण के संबंध में केंद्र पर निराश्रित स्तर पर तकनीकी कर्मियों की नियुक्ति की गई है, किन्तु ठेके पर कार्य कर रहे यह तकनीकी कर्मी केंद्र पर अपनी सेवाएं देने के बजाये जिला अस्पताल में इन्ही दिव्यांगों से उस काम के बदले अवैध रूप से वसूली करनी की शिकायतें प्राप्त हो रही है | यह बेहद दुर्भाग्यजनक है कि दिव्यांगों को जो सुविधाएं सरकार निःशुल्क उपलब्ध करा रही है, उन सुविधाओं और सेवा के लिए इन दिव्यांगों को चक्कर काटने पर मजबूर किया जा रहा है जिससे उन्हे शारीरिक कष्ट के साथ ही उनका पैसा और बहुमूल्य समय दोनों नष्ट हो रहे हैं |
श्री भनोत ने प्रमुख सचिव को प्रेषित पत्र में बताया कि दिव्यांगों की समस्या को दृष्टिगत रखते हुए केंद्र पर नियमित तकनीकी कर्मियों की नियुक्तियों का प्रावधान किया जाये ताकि दूरदराज से जबलपुर स्थित केंद्र पर पहुंचे दिव्यांगों को खाली हाथ वापस न लौटना पड़े |



