गणपति जन्म महोत्सव के चतुर्थ दिवस भगवान गणेश जी के द्वादश स्वरूपों में से एक गजकर्ण स्वरूप का

जबलपुर दर्पण। श्री सिद्ध गणेश मंदिर ग्वारीघाट जबलपुर में आज गणपति जन्म महोत्सव के चतुर्थ दिवस भगवान गणेश जी के द्वादश स्वरूपों में से एक गजकर्ण स्वरूप का माता रिद्धि सिद्धि के साथ लाल वस्त्रों से मनमोहक श्रृंगार किया गयासम्पूर्ण कामनाओं की पूर्ति करने वाले भगवान श्री सिद्ध गणेश भक्तों की अर्जी शीघ्र सुनते है क्योंकि उनके कान विशाल हाथी के समान बड़े हैं उनका मस्तक भी विशाल है बड़े कान से तात्पर्य है बहुश्रुत होना सभी की बातों को ध्यान से सुनना एवं विशाल मस्तक में उसे समाहित कर मनन करना फिर निर्णय करना इसलिए वे अर्जी वाले देवता है हम भक्तों की सभी अर्जियों को सुनकर उनका शीघ्र निराकरण कर मनवांछित फल प्रदान करते हैं। गणेश जी से अर्जी लगाने कि परंपरा बहुत पुरानी है”तीन लोक के सकल देवता द्वार खड़े सब अरज करें “मेवे पुष्टि कारक शक्तिवर्धक हैंआज श्री सिद्ध गणेश भगवान का सहस्त्रार्चन विभिन्न प्रकार के मेवों द्वारा किया गया जिससे हम सब भक्त परिपुष्ट एवं शक्तिशाली हों समृद्ध हों भगवान को समर्पित वस्तु हमे अनंन्तानन्त गुणा होकर जन्म जन्मांतर तक प्राप्त होती रहती है ।हम पृथ्वी में एक आम का बीज बोते हैं और वृक्ष बनकर अनेक वर्ष तक हमें सहस्त्रों आम देता है। उसी प्रकार भगवान श्री गणेश जी को समर्पित मेवे हमें जीवन भर मिलते रहेंगें ।श्री सिद्ध गणेश जन्मोत्सव के पंचम दिवस 22.09.23को लम्बोदर भगवान को भगवा वस्त्रों से श्रृंगारित कर खीर से सहस्त्रार्चन सम्पन्न होगा |



