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विधायक ओमकार मरकाम की पत्रकार वार्ता, कोतवाली में हुई शिकायत को बताया राजनैतिक षड्यंत्र

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डिंडौरी, जबलपुर दर्पण ब्यूरो। पूर्व केबिनेट मंत्री व वर्तमान विधायक ओमकार मरकाम के खिलाफ कोतवाली थाने में हुई शिकायत को प्रेसवार्ता कर विधायक ने आरोपों को राजनीतिक से प्रेरित होना बताया है। गौरतलब है कि मामले के बाद जिले भर में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है, राजनीति पार्टी के नेता एक दूसरे के ऊपर आरोप प्रत्यारोप भी लगा रहे हैं। प्रेसवार्ता में विधायक ने कहा कि कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव समिति का सदस्य जब से बनाया गया है, तभी से विपक्षी दल और कुछ अन्य लोग उन्हें बदनाम करने में लगे हुए है। आदिवासी की जमीन धोखाधड़ी से जुड़ा मामला इसी को लेकर देखा जा रहा है, रविवार को अपने आवास में पत्रकार वार्ता के दौरान उनके ऊपर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह से निराधार और झूठा बताया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव नजदीक है, इसी का फायदा उठाकर विपक्षी दल षड्यंत्र करके मुझे बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं, प्रेसवार्ता के दौरान विधायक ने शिकायतकर्ता का शपथ पत्र भी सार्वजनिक किया गया। विधायक ने कहा कि गरीब को कुछ लोग राजनीति का मोहरा बना रहे हैं और अपनी विकृत मानसिकता का परिचय दे रहे है, जो उनका काम रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी लोकप्रियता बढ़ती जा रही है, प्रदेश और देश मे कांग्रेस संगठन ने उन्हें विशेष दायित्व सौंपा हुआ है, जिससे लगातार उनका कद प्रदेश और देश की राजनीति में बढ़ा है। विधायक ने कहा कि डिंडोरी की पावन धरती का मैं जितना सम्मान करता हूं, अभिमान करता हूं वह मेरे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मेने हमेशा गरीब पिछड़े व जरूरतमंद लोगों की हर समय, हर संभव सहायता करने का प्रयास किया है, मैंने मंत्री रहते हुए मदद योजना कर लाखों परिवारों को उसे योजना का लाभ दिलाने का काम भी किया था। डिंडोरी की जनता ने लगातार विगत तीन पंचवर्षीय चुनाव में भारी जन समर्थन देते हुए अपना आशीर्वाद प्रदान किया है, 25 सितम्बर को हुई जन आक्रोश रैली में जो भारी जनसमूह डिंडौरी में देखने को मिला उससे विपक्ष के लोगों मे खलबली मच गई है। मैंने तो जमीन के मालिक श्याम सिंह की हालत देखकर अपने परिवारजनों से उसे जमीन की दोगुनी कीमत दिलवाई थी, मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद से ही यह जिले के साथ प्रदेश स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। पत्रकारों ने जब विधायक से पूछा कि दिव्यांग की जमीन खरीदी में नियमों का पालन किया गया है कि नहीं, तो इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि तत्कालीन कलेक्टर से चर्चा की थी। फिलहाल पीड़ित ने कोतवाली पुलिस से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है, अब जांच के बाद ही कारकों का और ज्यादा खुलासा हो सकेगा।

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