सार्वजनिक सिंह वाहिनी मंदिर के जवारे पूर्ण आस्था के साथ विसर्जित

जबलपुर दर्पण। सार्वजनिक सिंहवाहिनी मंदिर खाई मोहल्ला हनुमानताल के मुख्य पुजारी एवं माता सिंहवाहिनी की स्थापना करने वाले स्व. रज्जू महाराज के निधन के बाद अरुण पांडे उर्फ गोलू मंदिर में माता की सेवा कर रहे हैं। इस संबंध में पुजारी ने बताया कि मंदिर लगभग 165 वर्ष पुराना है, यहां पहले पिण्डी रूप में माता की आराधना की जाती थी, बाद में माता सिंहवाहिनी की प्रतिमा स्थापित की गई। तब से अब तक मंदिर में दोनों नवरात्र आश्विन और चैत्र की नवरात्रि के प्रथम दिन से घट स्थापना के साथ ही जवारों की स्थापना की जा रही है। आश्विन मास में मंदिर प्रांगण में माता दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इस वर्ष मंदिर के जवारों का विसर्जन शरद पूर्णिमा पर चन्द्र ग्रहण होने की वजह से एक दिन पूर्व पूर्ण आस्था के साथ हनुमानताल में किया गया। जवारा जुलूस में विमला विश्वकर्मा, उषा विश्वकर्मा सहित क्षेत्र की अनेक महिलाएं सिर पर जवारा कलश लेकर निकली, जहां हनुमानताल सरोवर में जवारों का विसर्जन पूर्ण आस्था भक्ति के साथ किया गया। जवारा जुलूस में अमित सोनक, आशीष साहू, मिन्टू खत्री, मयूर युवा समिति के समस्त सदस्यों सहित परिवारजन उपस्थित रहे।



