पनागर प्रत्याशी कांग्रेसी हैं या भाजपाई नहीं समझ पा रही जनता
जबलपुर दर्पण। सूत्रों के अनुसार पनागर कांग्रेस प्रत्याशी खुद ही फस रहे अपने जाल में क्युकी पूर्व में ही इन्होंने जिला पंचायत के चुनाव में कैसे कांग्रेस के ज्यादा सदस्य होने के बाद भी भाजपा का समर्थन करके उनका अध्यक्ष बनवा दिया था जिस कारण वो कांग्रेस से निलंबित हुए थे अब खुद उनकी जवान से जनपत चुनाव का भी सच सामने आ गया की कैसे उन्होंने भाजपा युवा मोर्चा के नेता और पनागर जनपद अध्यक्ष शैलेंद्र (सैलू) पटेल जिन्हे वो अपना भांजा बोलते हैं उन्हें अध्यक्ष बनवा दिया और कहा किं वह कांग्रेस में शामिल होगा पर ऐसा नहीं हुआ अब इंतजार कर रही है पनागर कांग्रेस। और जनता पूछ रही की क्या इस बार एक ही पार्टी भाजपा ने दो टिकट दे दिए क्युकी राजेश पटेल तो कट्टर भाजपा का सदस्य हैं किस मुंह से किसानों का वोट मांग रहे हैं जबकि इनका भाई विवेक पटेल खुद वेयर हाउस में दलाली करता पकड़ा गया था और पिछले वर्ष शिकायत होने पर एसडीएम ने जॉच की और विवेक पटेल के विरुद्ध पनागर थाने में मुकदमा कायम हुआ था और विवेक पटेल भागा भागा घूम रहा था तब सम्मति सैनी ने उसकी रक्षा की थी और पुलिस प्रशासन पर दवाब बनाकर जेल जाने से बचाया था। कांग्रेस का एक ग्रुप हमेशा किसानों के हितों की रक्षा करता रहा है। ऐसे में किसानों का सोचना है कि यदि कांग्रेस विजय हुई तो किसानों के हितों पर कोठारा घाट होगा और दलालों का बोलबाला हो जाएगा ।
जिला पंचायत और जनपद पंचायत के चुनाव संपन्न हुए थे जिसमे कांग्रेस जिला पंचायत अध्यक्ष और पनागर जनपद पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में गद्दारी करने और भाजपा के अध्यक्ष बनवाने के कारण मध्य प्रदेश कांग्रेस से चुनाव प्रभारी मुकेश नायक ने जांच की और दोषी पाए जाने पर राजेश पटेल (पनागर विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी) को 6 बर्ष के लिए निस्काषित कर दिया गया था तब राजेश पटेल ने अपनी सफाई में कहा था की पनागर जनपद अध्यक्ष भाजपा नेता शैलेंद्र पटेल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस में शामिल होगा जिससे कांग्रेस को फायदा होगा, और इसी के कारण राजेश पटेल को अस्थाई रूप से वापस कांग्रेस में शामिल कर लिया गया था।अब क्योंकि विधानसभा चुनाव शुरू हो गए हैं और पनागर से राजेश पटेल को प्रत्याशी बनाया गया है, तो सभी कांग्रेसी नेता पनागर जनपद अध्यक्ष शैलेंद्र (सैलू) पटेल को भाजपा से कांग्रेस में शामिल होने का इंतजार कर रहे हैं, ऐसा करने से कांग्रेस को चुनाव में फायदा होगा और सैकड़ों की तादात में कांग्रेसी नेता जो राजेश पटेल से नाराज हैं, उनकी नाराजगी भी दूर होगी।



