राजस्थान, मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनावों में भाजपा को भारी पड़ सकता है गिरनार मुद्दा : अनिकेश जैन भउआ

राजस्थान। एक तरफ जहां देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव का बिजुल बज चुका है वहीं दूसरी तरफ जैन समाज के प्राचीन तीर्थ गिरनार का मुद्दा गर्माता जा रहा है और जैनों का गुजरात व केन्द्र की भाजपा सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। जिसका खामियाजा भाजपा को राजस्थान व मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनावों में मिल सकता है क्योंकि दोनों ही राज्यों में जैन वोटर बड़ी संख्या में हैं । गिरनार तीर्थ क्षेत्र जैन धर्म के सबसे प्राचीन तीर्थों में से एक है जो जैन धर्म के 21 वें तीर्थंकर भगवान नेमीनाथ जी की निर्वाण स्थली है । परन्तु गिरनार पहाड़ की 5 वीं टोंक पर कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है जो जैन अनुयायियों को दर्शन करने व अपने भगवान की जय तक बोलने नहीं देते है। जैन के साथ तीर्थयात्रियों के बहुत बुरा बर्ताव करते है। एक बार तो जैन संत प्रबल सागर जी महाराज को चाकूओं से जानलेवा हमला कर घायल कर दिया। इन सबके पीछे पूर्व भाजपा सांसद महेश. गिरी का भी हाथ बताया जाता है । कुछ दिन पूर्व 28 अक्टूबर को ही महेश. गिरी ने एक सभा आयोजित कर असभ्य शब्दों का प्रयोग करते हुए जैन समाज व जैन साधुओं को खुलेआम धमकी दी थी और जैनों के गिरनार पर अपना दावा पेश किया था परन्तु सरकार सब कुछ जानते हुए भी अनदेखा कर रही है जिससे जैन समाज में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जैन समाज के लोगों का कहना है कि इस तरह की अनर्गल बातें व धमकियां बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गिरनार जैनों का था, है और हमेशा रहेगा। केंद्र व गुजरात सरकार ने महेशगिरी को तत्काल गिरफ्तार कर कार्यवाही नहीं की तो आगामी विधानसभा व लोकसभा चुनावों में भाजपा को भारी नुकसान भुगतना पड़ेगा।



