जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

“कविताओं में जिंदगी” काजल मानेक की काव्य कृति का भव्य लोकार्पण संपन्न

जबलपुर दर्पण। शब्दाक्षर साहित्य संस्था एवं मातृभाषा उन्नयन संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में संस्कारधानी की नवोदित रचनाकार, युवा कवियित्री काजल मानेक की काव्य कृति “कविताओं में जिंदगी “का भव्य लोकार्पण विजन जबलपुर में मुख्य अतिथि श्री मोहन परोहा , विशिष्ट अतिथि राजेंद्र दानी जी एवम् सारस्वत अतिथि डॉ. गीत गीत एवं मुख्य वक्ता डॉ. आनंद सिंह राणा के कर कमलों से संपन्न हुआ।आयोजन का प्रारंभ मां सरस्वती के समक्ष वेद मित्रों के उच्चारण के साथ पूजन किया गया।तदुपरान्त आयोजन में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ.आनंद सिंह राणा ने अपनी उद्बोधन में कहा की आदिकाल से ही स्त्रियों ने भी काव्य चिंतन में अपना लोहा मनवाया है। इसी परंपरा में यह काव्य कृति आज हमारे बीच काजल मानेक के द्वारा एक साहित्य जगत में अपनी साहित्यिक दृष्टि और विचार को स्थापित करने में समर्थबान है। मुख्य अतिथि श्री मोहन परोहा जी ने अपने उद्बोधन में सुश्री काजल मानेक की कविताओं की मार्मिक विवेचना करते हुए, युवा रचनाकारों के द्वारा ही नवीन दृष्टि से साहित्य संबल है विशिष्ट अतिथि के रूप में राजेंद्र दानी जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि काजल मानेक को काव्य लिखने की दृष्टि प्राप्त हो चुकी है। जिसकी सहायता से वह नए-नए बिंब नए नए प्रतीक ,अपमान और एक कल्पना शक्ति के माध्यम से कविताएं लिखने में समर्थवान होगी। सारस्वत अतिथि के रूप में डॉ गीत गीत ने कहा कि उसका भोलापन ही मुझे अपनी ओर आकर्षित करता है और उसके जिंदगी के अनुभव उसकी कविताओं में समाहित है। आयोजन की अध्यक्षता शब्दाक्षर संस्था के अध्यक्ष राकेश राठौर जी अपने उद्बोधन में नवोदित रचनाकारों को संबोधित करते हुए उनकी कृतियों को संस्था के द्वारा निःस्वर्थ लोकार्पण की घोषणा की तथा सुश्री काजल की कविताओं पर प्रकाश डाला। क्रतिकार काजल मानेक ने इस कृति को अपने माता पिता स्व श्री महेंद्र मानेक एवं स्व श्रीमती गीता मानेक जी को समर्पित करती है हुए कहा कि उनकी परवरिश,गुरुजनों के संस्कार एवं जिन्दगी के कुछ खट्टे–अनुभव से ही कविताएं करने में सफल हो पाई।
आयोजन के द्वितीय चरण में साहित्य संध्या का आयोजन हुआ। जिस में सूरज राय सूरज जी, सोहन सलिल जी,राजेश पाठक जी, डॉ प्रशांत मिश्रा जी, देव दर्शन सिंह जी, श्रुति, अरिहंत जैन, अमन ,राकेश राठौर, अनुराग दुबे ,देवदर्शन सिंह आदि कवि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन अजय मिश्रा अजेय एवम् आभार शब्दाक्षर संस्था की उपाध्यक्ष श्रीमती रजनी कटारे के द्वारा किया गया।
शब्दाक्षर परिवार के सदस्य श्री रघुवीर अम्बर, चन्द्र कुमार चौबे, श्री जितेंद्र तिवारी, श्री संकल्प तिवारी, डॉ प्रियंका शर्मा ,डॉ मिठू घोष,डॉ मंजू तिवारी , श्री शरद सर, डॉ राम कुशवाहा, निलेश कुमार देवगेरकर , डॉ वैभव चौबे,के पी पुरोहित, किरण वी बेन मानेक, दिशा मानेक,उज्ज्वला करचाम,राजश्री यादव,रितिका पटेल आशना पटेल, ज्योति केवट,सीमा शुक्ला,विशाखा झरिया आदि उपस्थित रहे।

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