दसवें गुरू गोबिंद सिंघ के शुरवीर पुत्रों की जीवनी पाठ्यक्रम में शामिल करने हेतु प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन दिया

जबलपुर दर्पण। भगत सिंह युवा विचार मंच के सचिव डिम्पी बिन्द्रा ने बताया कि आज बच्चों के पाठ्यक्रम में देश प्रेम की अलख जगाना अत्याधिक आवश्यकता है, आज के बच्चे कल का देश का भविष्य होंगे। उनके अंदर देश प्रेम और धर्म प्रेम सिर्फ सिक्ख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरू गोबिंद सिंघ जी के शुरवीर पुत्रों की कुरबानी की कहानी पाठ्यक्रम में शामिल की जाये। जिससे वीर पुत्रों की जीवनी बच्चों के अंदर भी वीरता देश प्रेम, धर्म प्रेम की भावना जागृत करेगी, क्योंकि बच्चे जो होते है, वह गीली मिट्टी के समान होते है, जैसा उन्हें ढालोगे वे वैसा ही ढल जायेंगे, गुरू पुत्रों अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंघ जी, और फतेह सिंघ जी वीरों के वीर रहें, जिनने अपनी वाल्यवस्था में वीरता कुट-कुट कर भरी थी। राज धर्म, देश प्रेम, आदर्श पिता के बताये मार्ग पर चलकर देश की खातीर, कौम के खातीर अपने आपको कुरबान कर देना ही सच्ची देश भक्ती की अमर बलिदानी की ये कहानी है, जो स्वर्ण अक्षरों में अंकित है, उस कहानी को सरकार को चाहिए हर बच्चे के मन मस्तिक्ष, दिमाग में विराजमान होनी चाहिये, जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी और नस्ल महान शुरवीरों की गाथा से प्रभावित होकर राष्ट्र प्रेम और धर्म प्रेम उनके अंदर भी जागृत हो, इसलिए शीघ्र अतिशीघ्र भारतीय एवं मध्यप्रदेश के पाठ्यक्रम में उन वीरों को स्थान देकर दसवें गुरु गोबिंद सिंघ जी के किये गये त्याग बलिदान को सच्ची श्रद्धांजली और उनके प्रति सरकार का सम्मान और आदर देकर आने वाली पीढ़ी को सही मार्ग दर्शन होगा, इस अवसर पर मंच के अध्यक्ष तजिन्दर सिंह टीटू, सचिव डिम्पी बिन्द्रा, अधिवक्ता रनवीर सिंह परिहार, प्रिंस सलूजा, किन्जी वीरजी, प्रभजोत सिंह भुरजी, सतीष राजपूत, रवि ठाकुर, मनीष भाई, नवजीत सिंह गिल, अशोक राजपूत, आदि उपस्थित थे।



