अनिल शुक्ला को साहित्यश्री अलंकरण से किया विभूषित

जबलपुर दर्पण। कला, साहित्य, संस्कृति, बहुआयामी सेवा साधना के परिप्रेक्ष्य में संस्कारधानी की गतिशील व प्रतिष्टित साहित्यिक संस्था वर्तिका के संयोजक विजय नेमा अनुज एवं पाथेय संस्था के संयोजक राजेश पाठक प्रवीण द्वारा नगर की श्रेष्ठ साहित्यकार, एडवोकेट श्रीमती प्रभा खरे अखिल की काव्य कृति नौका बिन पतवार का विमोचन रानी दुर्गावती संग्रहालय कला वीथिका में पूरे सम्मान व उत्साह के साथ किया गया । समारोह के मुख्य अथिति ओमप्रकाश शर्मा वरिष्ठ अधिवक्ता मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर, अध्यक्ष महाकवि आचार्य भागवत दुबे वरिष्ठ साहित्यकार, सारस्वत अतिथि डॉ हरिशंकर दुबे, महामहोपाध्याय व वरिष्ठ साहित्यकार, डॉ श्रीनिवास मिश्रा प्राचार्य जवाहरलाल नेहरू नवोदय विद्यालय बरगी,
ने सरस्वती माँ की प्रतिमा पर माल्यर्पण एव दीप प्रज्ज्वलित कर माँ सरस्वती की वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उपस्थित अतिथियों का स्वागत, वंदन अभिनन्दन संस्था के पदाधिकारियों ने पूरे सम्मान से किया गया। इस अवसर पर नगर की प्रतिभाशाली बालिकाओं ने अपनी अपनी प्रतिभा की मनमोहक प्रस्तुति दी। एडवोकेट श्रीमती प्रभा खरे की काव्य कृति के लिये श्रीमती साधना उपाध्याय, श्रीमती निर्मला तिवारी, सुभाष जैन शलभ, राजेंद्र मिश्रा, डॉ0 सल्पनाथ यादव प्रेम, प्रफुल्ल श्रीवास्तव, संतोष नेमा संतोष, विनोद नयन यशवर्धन पाठक, डॉ अनिल कोरी, सुशील श्रीवास्तव, डॉ0 सलमा जमाल, श्रीमती छाया त्रिवेदी विजय नेमा अनुज, सहित अतिथियों ने मङ्गल भाव प्रकट कर हार्दिक शुभकामनाएं भेंट की इस अवसर पर नगर के यशस्वी साहित्यकार मथुरा जैन उत्साही, श्रीमती रत्ना श्रीवास्तव, सहेंद्र श्रीवास्तव, गणेश श्रीवास्तव प्यासा, अनिल शुक्ला अमन एवं श्रीमती प्रीति नामदेव भूमिजा का सम्मान करते हुए प्रशस्ति पत्र , स्मृति चिन्ह व शॉल भेंट कर अलंकृत किया गया, इसी दौरान नगर की कवयित्री श्रीमती प्रीति नामदेव भूमिजा ने मां दिवस के सुअवसर पर माँ की भावपूर्ण कविता प्रस्तुत कर सभी को भाव विह्भल कर दिया। राजेश पाठक प्रवीण ने कार्यक्रम का सफल मंच संचालन एवं विजय नेमा अनुज ने सभी के प्रति स्नेहिल आभार प्रकट किया। इस आयोजन में नगर की प्रतिष्टित साहित्यिक संस्थाओं, साहित्यकारो व कार्यकर्ताओ का उल्लेखनीय योगदान रहा।



