ग्राम पंचायतों में 15 वर्षों से बीजेपी के कार्यकाल में हुआ भ्रष्टाचार
एसपी यादव छिंदवाड़ा। ग्राम पंचायतों में 15 वर्षों से बीजेपी का कार्यकाल रहा है जिस पर 15 वर्षों में जमकर भ्रष्टाचार फला फूला है अब देखना यह है कि क्या वर्तमान सरकार इनके ऊपर कार्यवाही करके जिस राशि का गबन किया गया है उस राशि की रिकवरी कर और वर्तमान सरकार इन लोगों से की गई रिकवरी कर के जनता के विकास में राशि लगाना चाहिए क्योंकि पूरे मध्यप्रदेश से ग्राम पंचायतों की राशि का रिकवरी किया जाए तो किसी एक जिले का पूर्ण तरीके से विकास किया जा सकता है इतना गबन हुआ है कि जिससे सरपंच सचिव करोड़पति और लखपति बन गए हैं इन लोगों की संपत्ति की जांच कार्यवाही और उनके ऊपर मुकदमा दायर होना चाहिए ऐसा लोगों का कहना है और साथ में यह भी कहना है कि यह भ्रष्टाचारी पर ऐसा करने से रोक भी लगेगी और ग्राम पंचायतों में जो फॉर्मेलिटी अदा की जाती है वह फरवरी अदा नहीं करते हुए ग्राम पंचायत को जो राशि मिलती है शासन के द्वारा वह राशि सही तरीके से उपयोग की जाएगी ग्राम पंचायतों में भवन निर्माण सीसी निर्माण किया गया जबकि प्रावधान है कि किसी भी भवन का निर्माण कार्य किया जाता है तो वरिष्ठ अधिकारियों की टीम जाकर के उस जगह पर चेक करती है और उसमें क्या रिशु लग रहा है कौन सी लगाई जा रही है इन सभी चीजों की बारी बारी जानकारी ली जाती है लेकिन यहां तो ऐसा कुछ भी नहीं होता है यहां सीधा सीधा रहता है कि जो पैसा आया डब्बे में आधा माल आधा माल के दो भाग किए जाते हैं जो आधा विकास में आधा अधिकारियों की जेब में इस तरीके से कार्य 40 से 45 परसेंट में किया जाता है साथ ही ग्राम पंचायतों में सीसी रोड के साथ नालियों का निर्माण करना अनिवार्य होता है जबकि मध्यप्रदेश में देखा जाए तो हजारों की संख्या में ग्राम पंचायतें हैं जिसमें नाली का पता ही नहीं है जबकि कुछ ग्राम पंचायतों में सिर्फ दिखाने के लिए नाली बनाई गई है और कहीं-कहीं पर रिश्ता बना दिया जाता है और कहा जाता है कि हमने नाली निर्माण कर दिए हैं माननीय मुख्यमंत्री कमलनाथ जी इस बात पर पहल करें तो 25 परसेंट सरकार चलाने के लिए राशि ग्राम पंचायतों से रिकवरी कर जनहित में लगाया जा सकता है।



