असुरों का उद्धार कर श्री राम का हुआ राज्याभिषेक, भंडारा आज

जबलपुर दर्पण । 1008 परहंस दादा ठनठन पाल महराज की तपोस्थली जमुनिया में आयोजित रामकथा के विश्राम दिवस पर राष्ट्रीय संत स्वामी गिरीशानंद जी सरस्वती के मुखारविंद से राम सेतु का निर्माण किया गया। इस अवसर पर विभीषण की शरणागति के बाद कुंभकरण, मेघनाथ और रावण का उद्धार किया गया। इसके बाद भगवान शराम, जानकी के साथ अयोध्या लौटे, जहां धूमधाम से राम का राज्याभिषेक किया गया। इस अवसर पर रसिक पीठाधीश्वर महंत स्वामी जनमेजय शरण जी, जानकीघाट, अयोध्या, स्वामी राजीव लोचन , स्वामी बोधानंद स्वामी सुरेशानंद , विधायक सुशील तिवारी, विधायक नीरज सिंह, नगर निगम अध्यक्ष रिंकू विज, आशा मुकेश गोटियां (जिला पंचायत अध्यक्ष), दिल्ली से विंग कमांडर सतीश शर्मा, ब्रह्माकुमारी आश्रम से अनीता बहिन, रज्जन श्रीपाल, वीरेंद्र चोबे और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सर्व ब्राह्मण समाज बरेला ने भगवान परशुराम जी का चित्र भेंट किया, जबकि संजू पटेल और रामजी रैकवार ने लकड़ी पर उकेरे हुए दादा जी के चित्र को भेंट किया। कार्यक्रम की संयोजक स्मिता नवेरिया ने भावपूर्ण अभिव्यक्ति व्यक्त की, वहीं अवधेश नवेरिया ने समस्त भक्तजनों, गुरूजी, संत समाज, विधायक , नगर निगम, परिषद, पुलिस, विद्युत मंडल, पीडब्लूडी, और बाला का आभार व्यक्त किया। आयोजन समिति के अध्यक्ष राजेश सोनी, महासचिव अरविंद तिवारी, एड.प्रवीण जेन, समर सिंह, महेश मानव, मुनीष जैन, खुशी लाल साहू की उपस्थिति रही। मंच संचालन महामंत्री अरविंद तिवारी ने किया।



