ईमानदारी आज भी जीवित है

जबलपुर दर्पण। संतोष कुमार चौधरी उम्र 38 वर्ष निवासी-गुडगमां, गोहलपुर जो कि ई-रिक्शा चालक हैं और जिसकी पत्नी श्रीमती विनीता बाई चौधरी केंसर पीड़ित हैं एवं वर्तमान में उनका इलाज शिफाली हॉस्पिटल सिवनी में नागपुर के डॉक्टर कमलेश झरिया द्वारा किया जा रहा है और उनकी कीमोथेरेपी हो रही है. संतोष कुमार चोधरी कल राज्यसभा सांसद श्री विवेक तन्खा द्वारा वितरित की जा रही निःशुल्क400 सिलाई मशीनों के समय बाहर सड़क से अपना ई-रिक्शा लेकर जा रहा था और रिक्शे में एक महिला सवारी भी बैठी थी तभी सड़क पर मशीने ले जा रही गरीब महिलाओं ने हाथ देकर रिक्शा रोका और बिना संतोष कुमार चौधरी से बात किये 2 सिलाई मशीने उनके रिक्शे में रख दी और बाकी का सामान लेने के लिए रिक्शा छोड़कर अन्दर मानस भवन में चली गयी इस बात का आभास कि संतोष कुमार चोधरी को नहीं हुआ और वो अपनी ऑटो में बैठी सवारी को लेकर उसके गंतव्य पर छोड़ने चला गया. सवारी उतारकर जब उसने पीछे देखा तो 2 सिलाई मशीन ऑटो में रखी हुयी पाई. वो चाहता तो ये मशीने बेचकर पत्नी के इलाज हेतु पैसा ले लेता परन्तु उसकी ईमानदारी ने उसे यह बेईमानी का कार्य करने से रोक दिया और वो मशीने वापस लेकर सीधा मशीने वितरित कर रहे श्री विवेक तन्खा जी के मित्र और ऑफिस इंचार्ज बलदीप मैनी जी के पास आया घटना की जानकारी दी. उन गरीब महिलाओ ने मशीन चली जाने की बात अपने साथ उनको लेकर आयी एक रोटरी क्लब की अध्यक्ष को बताया जिनको बलदीप मैनी द्वारा सुचना देकर बुलवाया गया. मशीने वापस पाकर उन महिलाओ की ख़ुशी देखते बन रही थी.मेरा आपसे आग्रह है कि इस ईमानदार और जरूरतमंद ई-रिक्शा चालक युवक के बारे में जरूर समाज को बताया जाये ताकि और भी लोग श्री संतोष कुमार चौधरी से प्रेरणा लेकर अच्छे नागरिक बन बेहतर समाज बना सकें. श्री संतोष कुमार चौधरी मोबाइल न. 8120102024 यह है. समाज के जो भी दान दाता ऐसे नवयुवक की जिसकी पत्नी केंसर से पीड़ित हो आपके प्रमुख समाचार पत्र के माध्यम से आर्थिक मदद प्रदान कर सकें।



