लौआर-कोरसर गोपद नदी पुल पर बसों के चलने का इंतजार,करोड़ों की लागत से बना पुल, डामरीकरण अधूरा होने से बसों का संचालन अटका

सीधी जबलपुर दर्पण । सिंगरौली की सीमा और सिहावल विधानसभा क्षेत्र के लौआर व कोरसर गोपद नदी में करोड़ों की लागत से बनी पुल के समीप मिट्टी फिलिंग का काम होने के बाद दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों का सफर शुरू हो गया है। पुल के समीप डामरीकरण का कार्य न होने के कारण अब भी यात्री बसों एवं भारी वाहनों की आवाजाही नहीं हो पा रही है। दर्जनों गांवों के लोगों को काफी बेसब्री से इंतजार है कि गोपद नदी पुल पर बसों का संचालन शुरू हो जाए और उन्हें आसानी से आवागवन में सुविधा मिल सके। बताते चलें कि गोपद नदी में करोड़ों की लागत से पुल बनकर एक साल पहले तैयार हो गई थी लेकिन सिंगरौली जिले की सीमा में कोरसर केे मुख्य मार्ग प्रधानमंत्री से इसको जोडऩे में कुछ स्थानीय कास्तकार रोड़ा बने हुए थे। लिहाजा नवनिर्मित पुल को सडक़ से जोडऩे के लिए मिट्टी फिलिंग का काम रुका था। समाचार पत्रों में उक्त समस्या के प्रकाशन के पश्चात सिहावल विधायक विश्वामित्र पाठक के साथ ही सिंगरौली जिला प्रशासन द्वारा तत्परता पूर्वक पहल की गई और रोड़ा बने कास्तकारों से चर्चा कर उन्हें मुआवजा भुगतान का आश्वासन देकर मिट्टी फिङ्क्षलग का काम पूरा कराते हुए आवागवन शुरू कराया गया। नई मिट्टी फिलिंग के बाद बरसात शुरू हो गई है। ऐसे में डामरीकरण के पश्चात ही यात्री बसों एवं भारी वाहनों का संचालन पुल से शुरू हो पाएगा। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि सिहावल विधायक विश्वामित्र की पहल से ही लौआर-कोरसर गोपद नदी पर पुल का निर्माण कार्य सुनिश्चित हो सका था और उनकी पहल से ही भूमि विवाद का जो रोड़ा बना हुआ था वह भी दूर हो गया। उक्त पुल के व्यवस्थित संचालन के लिए गोपद नदी के पुल से लेकर कोरसर मुख्य मार्ग तक लगभग 1 किलोमीटर सडक़ का डामरीकरण होना काफी आवश्यक है। इसी वजह से क्षेत्रीय लोगों को गोपद नदी के बड़े पुल पर बसों का संचालन शुरू होने का इंतजार बना हुआ है। बसों के चलने से जो यात्रा कई घंटों की है वह काफी आसान हो जाएगी और प्रयागराज के लिए भी यहां से बस का संचालन आसानी से शुरू हो जाएगा।
चार जिले की जनता को मिलेगा लाभ: हेमप्रताप
समाजसेवी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता हेमप्रताप तिवारी ने कहा कि लौआर-कोरसर गोपद नदी में पुल का संचालन छोटे वाहनों के लिए शुरू किया गया है। सिहावल विधायक विश्वामित्र पाठक के प्रयास से बरसात बाद सडक का डामरीकरण कार्य पूर्ण होने पर बसें भी नियमित रूप से चलने लगेंगी। श्री तिवारी ने कहा कि गोपद नदी पुल पर बसों का संचालन शुरू हो जाने से चार जिलों की जनता को लाभ मिलेगा। सिंगरौली के चितरंगी के अलावा सीधी, मऊगंज, रीवा के रास्ते सुगम हो जाएंगे। यहां तक कि चितरंगी से अगर किसी को प्रयागराज जाना है तो यात्रा काफी कम हो जाएगी। साथ ही सीधी का रास्ता भी पुल के समीपी क्षेत्रों का महज 1 घंटा का रह जाएगा। इस पुल के बन जाने और व्यवस्थित संचालन शुरू हो जाने से क्षेत्रीय जनता का विकाश तो होगा ही साथ ही दुर्गम यात्रा भी काफी सुगम हो जाएगी।
इनका कहना है।
लौआर-कोरसर गोपद नदी पुल के समीप मिट्टी फिलिंग का काम हो चुका है। जिससे आवागवन शुरू हो गया है। बरसात के बाद सडक़ का डामरीकरण कार्य शुरू हो जाएगा। जिसके बाद यात्री वाहनों की आवाजाही भी निर्बाध रूप से शुरू हो जाएगा। उक्त पुल में आवागवन शुरू कराना उनकी प्राथमिकता में शामिल है।



