संसद में राहुल गांधी को बोलने नहीं देने पर सरकार की निंदा

जबलपुर दर्पण। लोकतंत्र में सांसद केवल कानून पारित करने का मंच नहीं होता बल्कि यह राष्ट्र की विचारधारा और सहमति और समाधान की सबसे प्रमुख जगह भी है। संसद जैसी पवित्र संविधान संस्था में जहां देश का कानून बनाया जाता है और लागू भी किया जाता है वहां सवाल पूछना देश विरोध कैसे हो सकता है। कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के सुमन कुमार जैन, सरदार दलवीर सिंह जस्सल, राजेंद्र जैन बंधु, अतुल जोसफ, राजकुमार जैन मामा, संजय वर्मा, साकिर कुरैशी, ताहिर खोकर, अशरफ मंसूरी, मार्को बाबा, निर्मल चंद जैन, नरेश साहू, सुभाष पटेल, संजय जैन किपी, संजय जैन, डॉक्टर चंद्रेश जैन, डॉक्टर महेंद्र जैन, अमित जैन युवा, हाजी हामिद खान, दिलावर खान, रिंकू कुशवाहा, सुखेंद्र सिंह लोधी, अनुराग शुक्ला, ऐश्वर्य ठाकुर, सफी खान, युग लोधी, अरविंद पंडा, सौरभ विश्वकर्मा आदि ने केन्द्र सरकार की निंदा करते हुए कहा कि मानसून सत्र में दोनो सदनों में राहुल गांधी को बोलने के लिए पर्याप्त समय दिया जाये।
और संसद में सकारात्मक चर्चा होती तो संसद के बाहर उनको अपनी बात रखने की जरूरत ही नहीं पड़ती



