डिप्टी कमिश्नर जगदीश सरवटे के खिलाफ ईओडब्ल्यू की बड़ी कार्यवाही

जबलपुर दर्पण । मध्यप्रदेश के आदिम जाति कल्याण विभाग में पदस्थ डिप्टी कमिश्नर जगदीश सरवटे के विरुद्ध आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार, 22 जुलाई को जबलपुर, सागर और भोपाल में उनके शासकीय और निजी ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान करीब 6 करोड़ रुपए की अनुपातहीन संपत्ति बरामद की गई, जिसमें नगदी, आभूषण, प्रॉपर्टी दस्तावेज, निवेश और कीमती सामग्री शामिल हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जबलपुर के आधारताल स्थित उनके निजी निवास से बाघ की खाल बरामद की गई, जिसका उपयोग वे बैठने के लिए करते थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह खाल लगभग 30 वर्ष पुरानी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत खाल को जब्त करते हुए अलग प्रकरण दर्ज किया गया।
तीन शहरों में हुई समन्वित कार्रवाई
जबलपुर स्थित शंकर शाह नगर के शासकीय आवास, आधारताल स्थित पैतृक निवास, सागर के शासकीय आवास और भोपाल के बाग मुगालिया स्थित फ्लैट में EOW की टीमों ने एक साथ कार्यवाही की। लगभग 35 घंटे चली छापेमारी में ₹5.89 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति उजागर हुई। बैंक लॉकरों की जांच अभी भी जारी है, जिससे और अधिक संपत्ति की बरामदगी की संभावना जताई जा रही है।
कानूनी कार्यवाही प्रारंभ
EOW ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(B), 13(2) के अंतर्गत सरवटे के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किया है। साथ ही वन विभाग ने भी बाघ की खाल रखने के मामले में अलग मुकदमा दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है। वनमंडल अधिकारी श्री ऋषि शुक्ला के अनुसार, यह स्पष्ट रूप से वन्यजीव अपराध की श्रेणी में आता है।
जबलपुर में दीर्घकालीन पदस्थापना और अतिरिक्त प्रभार
सूत्रों के अनुसार, डिप्टी कमिश्नर सरवटे ने अपने सेवाकाल का अधिकांश समय जबलपुर में ही व्यतीत किया है। वर्तमान में वे आदिम जाति कल्याण विभाग में डिप्टी कमिश्नर होने के साथ ही परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र, जबलपुर का भी अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं।



