गंभीर आरोपों से घिरा गूंडा गांव का सरपंच, भाजपा नेता संकेत लोनी और पुत्र निलेश लोनी पर दुष्कर्म और धमकी का आरोप

ढीमरखेड़ा जबलपुर दर्पण । कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील के ग्राम पंचायत गूंडा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां की एक महिला, पूजा लोनी, ने ग्राम पंचायत के सरपंच और भाजपा नेता संकेत लोनी और उनके पुत्र निलेश लोनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस थाना ढीमरखेड़ा में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। महिला ने अपनी शिकायत में बलात्कार, धमकी और राजीनामा के लिए दबाव डालने की बात कही है, जिससे गांव में हड़कंप मच गया है।शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण का आरोप पूजा लोनी ने अपनी शिकायत में बताया कि वह गूंडा गांव की निवासी है और निलेश लोनी, जो सरपंच संकेत लोनी के पुत्र हैं, पिछले दो साल से शादी का झांसा देकर उनका शारीरिक शोषण कर रहे थे। पूजा के अनुसार, इस दौरान वह गर्भवती हो गईं और जब उन्होंने निलेश से शादी की बात की तो उसने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पूजा ने साहस कर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसका मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।बच्ची के जन्म के बाद बढ़ा दबाव पूजा लोनी ने बताया कि उनकी निलेश लोनी से एक बेटी भी है। हालांकि, न्याय की लड़ाई शुरू करने के बाद से ही उन पर और उनके पिता विजय लोनी पर लगातार राजीनामा करने का दबाव बनाया जा रहा है। पूजा ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने राजीनामा करने से मना कर दिया, तो सरपंच संकेत लोनी और उनके पुत्र निलेश लोनी ने उन्हें जान से मारने और गांव से निकाल देने की धमकी दी।धमकियों में सत्ता के दुरुपयोग का आरोप शिकायत में पूजा लोनी ने आरोप लगाया है कि संकेत लोनी और उनके पुत्र निलेश लोनी खुलेआम धमकियां देते हैं कि राजीनामा न करने पर उन्हें, उनकी बच्ची और उनके पिता को जिंदा जमीन में गाड़ दिया जाएगा। पूजा का कहना है कि सरपंच संकेत लोनी अपनी राजनीतिक पहुंच और पद का हवाला देते हुए कहते हैं कि “वह भाजपा के नेता और सरपंच हैं, इसलिए उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”पीड़िता ने लगाई न्याय की गुहार, भाजपा संगठन से कार्रवाई की मांग इस पूरे मामले पर पूजा लोनी ने सवाल उठाया है कि क्या भाजपा सरकार ने अपने नेताओं और सरपंचों को इस तरह की गुंडागर्दी करने का लाइसेंस दे दिया है? उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष से इस मामले पर तत्काल संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।वहीं, पूजा के पिता विजय लोनी ने भी पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनके परिवार के किसी भी सदस्य के साथ कोई अनहोनी होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी सरपंच संकेत लोनी और उनके पुत्र निलेश लोनी की होगी। पूजा ने सरपंच और उनके पुत्र की जमानत रद्द करने और उन पर कठोरतम कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि उन्हें और उनके परिवार को न्याय मिल सके और गांव में दबंगई का अंत हो।
यह मामला अब राजनीति और कानून के बीच एक संवेदनशील मोड़ पर आ गया है। अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता दिखाता है और क्या भाजपा संगठन अपने नेता के खिलाफ कोई कदम उठाता है।



