राख वाहनों से बढ़ती समस्याओं पर एनटीपीसी प्रबंधन व प्रशासन से कार्यवाही की मांग

सिंगरौली जबलपुर दर्पण । विंध्यनगर से तेलगवा तक मुख्य मार्ग पर एनटीपीसी राख परिवहन करने वाले भारी वाहनों से आमजन को हो रही समस्याओं को लेकर स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन एवं एनटीपीसी प्रबंधन से त्वरित कार्यवाही की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी राख वाहनों की लापरवाही और ओवरलोडिंग के कारण क्षेत्र में दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, सड़कें जर्जर हो गई हैं और प्रदूषण से लोग बीमार हो रहे हैं। इस संबंध में प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर विधि संगत कार्यवाही की मांग की गई है।
उठाई गई प्रमुख समस्याएं व सुझाव:
- नो-एंट्री नियम लागू हो – सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक विंध्यनगर से तेलगवा मार्ग पर भारी वाहनों का पूर्ण रूप से आवागमन प्रतिबंधित किया जाए।
- अलग मार्ग बने – एनटीपीसी राख परिवहन के लिए वैकल्पिक मार्ग अनिवार्य रूप से बनाया जाए, जिससे विद्यार्थियों, मजदूरों और आमजन को सुरक्षित आवाजाही मिल सके।
- ओवरलोडिंग पर रोक – राख वाहनों में क्षमता से अधिक लोडिंग की जा रही है, जिससे राख सड़क पर गिरकर हवा में उड़ती है। इससे आंखों में जलन, प्रदूषण और घातक बीमारियां फैल रही हैं।
- गति सीमा का पालन – राख वाहन तेज रफ्तार से चलते हैं, जिससे आमजन और मवेशियों की दुर्घटनाएं हो रही हैं। वाहनों को निर्धारित गति सीमा में चलाने के निर्देश दिए जाएं।
- सड़क की बदहाल स्थिति – ओवरलोडिंग के कारण विंध्यनगर से तेलगवा तक की सड़क कई जगहों पर टूट चुकी है। गड्ढों और जलजमाव से लोगों को भारी दिक्कत हो रही है। साइकिल और दोपहिया वाहन चालक अक्सर हादसों का शिकार हो रहे हैं। तेलगवा स्थित राज्य सीमा पुल भी जर्जर हो चुका है और किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
नागरिकों ने जिला प्रशासन, एनटीपीसी प्रबंधन और तहसील प्रशासन से इन समस्याओं का तत्काल निराकरण कराने की मांग की है।
निर्माण कार्य में लापरवाही पर भी जताई आपत्ति
इसके साथ ही वार्ड-36 जुवाडी में निर्माणाधीन संजीवनी क्लीनिक के अधूरे और गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य पर भी आपत्ति जताई गई है। इस मामले में आयुक्त, सहायक आयुक्त नगर पालिक निगम, विधायक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और कलेक्टर सिंगरौली को पत्र भेजकर जांच कर अधूरा कार्य पूर्ण कराने एवं अनियमितताओं पर कार्यवाही की मांग की गई है।



