मदन महल दरगाह अकीदत का मर्कज : सूफ़ी मुबारक कादरी

जबलपुर दर्पण । मदन महल पहाड़ी पर स्थित हजरत पीराने पीर की दरगाह में जुमेरात को पहले मेले का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में अकीदतमंदो ने चादरें शरीफ पेश कर अपनी अकीदत पेश की। दिन भर मदन महल पहाड़ी “गौस अलमदद” के नारों से गूंजती रही।अपराह्न में जल्सा-ए-गौसिया में हज़रत अल्लामा अल्हाज सैय्यद इकबाल अहमद शम्स रब्बानी एवं मुतवल्ली सैयद कादिर अली कादरी की सदारत में सूफी मुबारक कादरी ने कहा कि मदन महल दरगाह अकीदत का मर्कज है, जहाँ हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी धर्म के लोग आते हैं और फैज़ पाते हैं।जल्से में सज्जादानशीन बासित कादरी ने मनक़बत पाक पेश की। आफताब कादरी, निजाम कादरी, इनायत कादरी, अब्बू बाबा कादरी, असगर कादरी, आबिद कादरी, इदरीस कादरी, अंसार कादरी, याकूब शाह, सलामत कादरी, शराफत कादरी, आशु कादरी नेताजी और जलील शाह ने मेहमान हजरात का इस्तकबाल किया और तबरुख पेश किया। बाद नमाज मगरिब सालातो सलाम पेश किया गया एवं मुतवल्ली साहब ने मुल्क की तरक्की खुशहाली की दुआ मांगी! सज्जादानशीन इनायत कादरी ने बताया कि आगामी 4 अक्टूबर शनिवार को ग्यारहवीं शरीफ के प्रमुख मेले (उर्स) का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय और दूर-दराज से श्रद्धालु अकीदतमंद अपनी हाजिरी पेश करेंगे।



