राजेश राजपूत बने क्षत्रिय राजपूत सभा युवा इकाई के अध्यक्ष

गोटेगांव जबलपुर दर्पण । नगर स्थानीय माँ गार्डन में एक अहम बैठक आयोजित की गई जिसमें क्षत्रिय राजपूत सभा द्वारा सर्वसम्मति से अध्यक्ष पद का चुनाव किया गया क्षत्रिय राजपूत सभा गोटेगाँव की युवा इकाई का अध्यक्ष का पद कई वर्षों से रिक्त था जिसको लेकर विगत 2 अक्टूबर को आयोजित दशहरा मिलन समारोह में राजपूत क्षत्रिय बंधुओ ने इस विषय पर चिंता जाहिर की जिस पर संज्ञान लेते हुए क्षत्रिय राजपूत सभा के संगठन के संरक्षक मंडल ने निर्णय लिया कि अब राजपूत क्षत्रिय सभा की युवा इकाई का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया जाए।जिसको लेकर रविवार 5 अक्टूबर को माँ गार्डन में बैठक आयोजित की गई जिसमें क्षत्रिय राजपूत सभा द्वारा सर्वसम्मति से अध्यक्ष पद का चुनाव करते हुए राजेश राजपूत को युवा इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।अध्यक्ष पद को लेकर दो नाम सामने आए थे लेकिन दोनों उम्मीदवारों ने आपसी सहमति से संगठन को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए एक उम्मीदवार के नाम पर सहमति बनाई,समाज के युवा सूर्यप्रताप सिंह का नाम भी अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के तौर पर चर्चाओं में था,लेकिन उन्होंने आपसी सहमति से संगठन के हित में अपना नाम वापस लेकर संगठन को मजबूती प्रदान करने में अपनी अहम भूमिका निभाई,उनके इस कदम से क्षत्रिय राजपूत सभा में उनके इस कदम की सराहना की जा रही हैं। वहीं नए अध्यक्ष का कार्यकाल 2 बर्ष का होगा जिसमें उन्हें कुछ अहम कार्य करने होंगे, राजपूत समाज को एकत्रित करना ओर सामाजिक कार्यों में कम होती राजपूतों की संख्या जिन्हे एक मंच पर लाना बड़ी चुनौती होगी।नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने अपने चयन पर संगठन,संरक्षक मण्डल सहित समाज के बरिष्ठजनों का आभार व्यक्त किया साथ ही उन्होंने कहा कि समाज के हित में जो भी जरूरी होगा उसे पूरी ईमानदारी ओर कर्तव्य निष्ठा के साथ निभाने का पूरा प्रयास करूँगा। जहां राजेश राजपूत के चयन पर उपस्थित सभी स्वजातीय बंधुओ ने उन्हें शाल श्रीफल भेंट कर पुष्प माला से स्वागत किया गया, और शुभकामनायें प्रेषित कीं।इस दौरान समाज के संरक्षक मण्डल इंद्रभूषण सिंह मानेगांव, सरदार सिंह राजपूत क्षत्रिय राजपूत सभा अध्यक्ष द्वारका सिंह,राघवेंद्र सिंह,सुरेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, कमल सिंह, नीरेंद्र सिंह, ईश्वर सिंह,आजाद सिंह, रंजीत सिंह,जिला मीडिया प्रभारी मोहन सिंह राजपूत सहित अन्य सामाजिक बंधु उपस्थित रहे।



