किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए करें प्रोत्साहितःकलेक्टर श्री तिवारी

कटनी जबलपुर दर्पण । कलेक्टर आशीष तिवारी ने किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री तिवारी कृषि विभाग एवं कृषि से सम्बन्धित विभागों की बैठक में द्वारा कृषि आदान सामग्री खाद-बीज की उपलब्धता एवं वितरण तथा आगामी रबी सीजन में बीज एवं उर्वरकों की उपलब्धता एवं भंडारण, वितरण तथा अन्य योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।इस दौरान जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर भी मौजूद रहीं। बैठक में उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास डॉ रामनाथ पटेल, उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विकास डॉ आर के सोनी, परियोजना अधिकारी एस के त्रिपाठी, सहकारिता, मत्स्य, और कृषि विभाग के आत्मा अधिकारियों की उपस्थिति रही।
कलेक्टर श्री तिवारी ने जिले में नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के अंतर्गत जिले के विभिन्न विकासखण्डों में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।जिस पर उप संचालक कृषि ने बताया कि करीब 3 हजार 125 एकड़ में चयनित क्लस्टर में प्राकृतिक खेती की जाएगी । कलेक्टर ने कृषकों को प्राकृतिक खेती की जानकारी एवं प्रचार -प्रसार ग्राम में किया जाए एवं प्राप्त मार्गदर्शी निर्देशानुसार विकासखंड स्तरीय निगरानी समिति का गठन एवं प्राकृतिक खेती के क्लस्टर में कृषि चयनित कृषि सखी का अनुमोदन किया जाय।
कलेक्टर श्री तिवारी ने रबी में सरसों फसल का रकबा एवं उत्पादन को बढ़ाने के निर्देश दिया l इसके लिए कृषकों को सरसों बीज का सीडड्रिल से बोनी करवाने हेतु सलाह देने एवं अधिक से अधिक कृषकों द्वारा सरसों की कतार में बोनी करवाने हेतु कहा गया l कृषकों से वैज्ञानिक पद्धति से खेती करवाने हेतु सरसों के अच्छे प्रदर्शन आयोजित किए जाने हेतु कलेक्टर ने निर्देशित किया। साथ ही चना एवं मसूर के साथ सरसों की अंतर्वर्ती खेती को बढ़ावा देने और नवाचार के तहत जिले में औषधीय प्रजाति के अश्वगंधा की खेती के रकवे को बढ़ाने के निर्देश दिए l
नरवाई,फसल अवशेषों के प्रबंधन हेतु कलेक्टर श्री तिवारी ने हैप्पीसीडर एवं सुपरसीडर से बोनी हेतु कृषकों का अधिक से अधिक चुनाव कर उनके खेतों में सीधी बोनी कराया जाए यह निर्देश भी दिया गया ताकि नरवाई जलाने की घटना को नियंत्रित किया जा सके। कृषकों द्वारा स्प्रिंकलर सेट का अधिक से अधिक पंजीयन कराए जाने हेतु भी निर्देश दिए गएl
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजनान्तर्गत अधिक से अधिक प्रकरण भेजे जाय और बैंकों मे लंबित प्रकरणों की समीक्षा हेतु डी एल सी सी की बैठक में प्रस्तुत किया जाय। कलेक्टर श्री तिवारी ने समीक्षा के दौरान मत्स्य विभाग को किसान क्रेडिट कार्ड के अधिक से अधिक प्रकरण जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक में प्रस्तुत करने और सहकारी बैंक को प्रकरण स्वीकृत और वितरण कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने जिले के 100 हेक्टेयर से अधिक जलक्षेत्र के जलाशयों मे अधिक मत्स्य उत्पादन हेतु मत्स्य समितियों को प्रोत्साहित कर केज स्थापना के पूर्ण प्रयास करने निर्देश दिए।
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में सांची दुग्ध संघ की 16 समितियां कार्यरत हैं जिनमें 600 लीटर दूध का कलेक्शन किया जा रहा है।सेक्स सॉर्टेड सीमेन से कृत्रिम गर्भाधान के द्वारा क्षेत्र के दुधारू पशुओं से दूध उत्पादन बढ़ाने के लिये लगातार प्रयास किया जा रहे हैं। अब तक 696 सेक्स सॉर्टेड सीमेन से गर्भाधान किए जाने और 10 हजार 275 कृत्रिम गर्भाधान किए जाने की जानकारी दी गई। डॉ सोनी ने बताया कि पशुपालकों के लिए घर पहुंच पशु उपचार सेवा पशुधन संजीवनी 1962 जिले के सभी विकास खंड में मात्र रुपए 150 रूपए में सेवा प्रदान की जा रही हैं।
दुग्ध उत्पादन को दोगुना करने की मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की महत्वाकांक्षी योजना डॉ भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना अंतर्गत 10 के विरुद्ध 21 ऑनलाइन आवेदन में राज्य स्तरीय छानबीन समिति द्वारा दो प्रकरण स्वीकृत किए गए हैं एवं 9आवेदन छानबीन समिति के विचाराधीन है। मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना पर 25 के लक्ष्यों की पूर्ति में कल 6 स्वीकृत होने और आचार्य विद्यासागर डेरी इकाई के लक्ष्य 12 के विरुद्ध 21 आवेदन बैंक में विचाराधीन होना बताया गया। कलेक्टर श्री तिवारी ने उपरोक्त सभी योजनाओं के लक्ष्य अक्टूबर माह में ही पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए गए।दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान की भी समीक्षा की गई।



