सीधी दर्पण

लोकायुक्त पुलिस की कार्यवाही से विभाग में मचा हड़कंप

सीधी जबलपुर दर्पण । लोकायुक्त रीवा की टीम ने आज आरईएस विभाग की महिला लिपिक को 8 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया। यह रिश्वत ठेकेदार से बकाया भुगतान के लिए ली जा रही थी। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार राजकुमार साकेत पिता गोपीचंद साकेत उम्र 33 वर्ष ग्राम पंचायत बडख़रा 734, तहसील चुरहट, जिला सीधी द्वारा दिनांक 6 अक्टूबर 2025 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया गया था। शिकायत में लेख किया गया था कि ग्राम पंचायत बडख़रा 734 में पुलिया निर्माण कार्य वर्ष 2022-23 में मेरे द्वारा कराया गया था। पुलिया निर्माण की स्वीकृत राशि 4.64 लाख रुपए थी। जिसमें 2.38 लाख रुपए का भुगतान लगभग 6 माह पहले हो गया था। उक्त कार्य की शेष राशि 2.26 लाख रुपए में ग्रामीण यांत्रिकीय सेवा चुरहट एसडीओ रामाश्रय पटेल एवं जनपद पंचायत रामपुर नैकिन उपयंत्री अखिलेश मौर्य द्वारा सभी लोगों की तरफ से 7 प्रतिशत की दर से 15 हजार रुपए की मांग की जा रही थी। शिकायत प्राप्त होने पर लोकायुक्त संभाग रीवा के पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार द्वारा सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान पाया गया कि आरोपीगण द्वारा 8 हजार रुपए रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त के निर्देशन में आज 8 अक्टूबर 2025 को टीम गठित कर ट्रैप की कार्यवाही हेतु निर्देशित किया था। लोकायुक्त टीम द्वारा आरोपिया कुमारी नेहा सिंह लिपिक ग्रामीण यांत्रिकीय सेवा सीधी कार्यालय ग्रामीण यांत्रिकीय सेवा सीधी को 8 हजार रुपए के रिश्वत लेते हुए कार्यालय में ट्रैप किया गया। बताया गया है कि उक्त रिश्वत एसडीओ एवं लिपिक के लिए दिया गया था। जबकि उपयंत्री एवं अन्य का कमीशन 7 हजार रुपए भी ठेकेदार देने के लिए रखा था। किंतु संबंधित कर्मचारियों को भनक लग जाने से वह ट्रैप के पहले ही गायब हो गए। रिश्वत मांगने वाले अन्य अधिकारियों के गायब रहने के कारण उन पर लोकायुक्त पुलिस द्वारा निर्धारित की गई कार्रवाई नहीं हो सकी।
9 सदस्यीय लोकायुक्त टीम ने की कार्रवाई
ठेकेदार राजकुमार साकेत की शिकायत पर आज लोकायुक्त रीवा की 9 सदस्यीय टीम कार्यालय कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकीय सेवा सीधी में पहुंचकर पूर्व से ही अपना मोर्चा संभाल लिया था। सभी कर्मचारी सिविल कपड़े में थे और कार्यालय के आसपास मौजूद थे। कार्यालय में जब ठेकेदार राजकुमार साकेत पहुंचे तो उन्हें लिपिक कु. नेहा सिंह को रिश्वत की राशि देने के लिए निर्देशित किया गया। जिस पर राजकुमार साकेत लिपिक के पास पहुंचे और 8 हजार रुपए रिश्वत दे दिया। रिश्वत देने के बाद ठेकेदार राजकुमार साकेत ने बाहर मौजूद लोकायुक्त टीम के पास मैसेज भेजा जिस पर टीम के सदस्य आनन-फानन में कार्यालय के अंदर पहुंचे और लिपिक नेहा सिंह को रिश्वत की राशि के साथ गिरफ्तार किया। लोकायुक्त पुलिस टीम के ट्रैपकर्ता अधिकारी उपेन्द्र दुबे निरीक्षक थे। वहीं ट्रैप दल के सदस्य मेंं उप निरीक्षक श्रीमती आकांक्षा शुक्ला, प्रधान आरक्षक सुरेश कुमार, मुकेश मिश्रा, शिवलाल प्रजापति, पवन पाण्डेय, आरक्षक लवलेश पाण्डेय, मनोज मिश्रा, जीतेन्द्र सिंह शामिल थे। लिपिक नेहा सिंह को गिरफ्तार कर कार्रवाई के लिए लोकायुक्त टीम स्थानीय सर्किट हाउस पहुंची।
इनका कहना है।
ठेकेदार राजकुमार साकेत निवासी बडख़रा से पुलिया निर्माण का पेंडिंग भुगतान करने के एवज में एसडीओ, उपयंत्री, लिपिक एवं अन्य कर्मचारियों द्वारा कमीशन की मांग की गई थी। यह कमीशन 7 प्रतिशत की दर से 15 हजार रुपए मांगा गया था। आज रिश्वत देने के लिए जब ठेकेदार कार्यालय पहुंचे तो अन्य लोगों को भनक लग जाने से आए। वहीं महिला लिपिक नेहा सिंह को रिश्वत लेते ट्रैप किया गया।
उपेन्द्र दुबे, निरीक्षक लोकायुक्त रीवा।

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