शिक्षकों को भी दिया जाए चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ
जबलपुर दर्पण । मध्य प्रदेश जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन के संभागीय अध्यक्ष हेमंत ठाकरे ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों को 35 वर्ष की सेवा उपरान्त चतुर्थ समयमान वेतनमान दिया जाना चाहिए। इस मुद्दे को लेकर संगठन के द्वारा राज्य शासन को पत्र लिखा जा चुका है परंतु इतने गंभीर मुद्दे पर शासन द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया गया है जिससे शिक्षकों में रोष व्याप्त है। संघ ने आगे बताया कि शासन द्वारा इस गंभीर मुद्दे को लेकर आज दिनांक तक किसी प्रकार के आदेश जारी नहीं किए गए है जिससे सिर्फ और सिर्फ शिक्षकों को नुकसान हो रहा है वहीं कई शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं और सैकड़ों की तादात में शिक्षक सेवानिवृत्ति की कगार पर हैं ऐसे में यदि चतुर्थ समयमान वेतनमान के आदेश जारी नहीं किए जाते तो यह शिक्षकों के साथ अन्याय होगा। और वे इतनी लम्बी सेवा विभाग को देने के बावजूद चतुर्थ वेतनमान से वंचित रह जाएंगे। अतः शाासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए क्योंकि पूर्व में शासन द्वारा आदेष जारी किए गए थे जिसका लाभ अन्य विभागों को दिया जा रहा है। परंतु शिक्षा विभाग में इसका लाभ नहीं दिए जाने से शिक्षक अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष-रॉबर्ट मार्टिन, हेमंत ठाकरे, राकेश श्रीवास, मीनूकांत शर्मा, फिलिप अन्थोनी, दिनेश गोंड, राजेश सहारिया, गुडविन चार्ल्स, राजकुमार यादव, मनमोहन चैधरी, रऊफ खान, एनोस विक्टर, सुरेन्द्र चैधरी, उमेष सिंह ठाकुर, संतोष चौरसिया, विनोद सिंह, सुधीर अवधिया, धनराज पिल्ले, अषोक राय, सुनील झारिया, ओम प्रकाष झारिया, मकसूद अहमद कादरी, गोपीषाह, रामकुमार कतिया, आषा राम झारिया, मनीष मिश्रा, सुधीर पावेल, राजेन्द्र सिंह, रामदयाल उईके, अफरोज खान, देवेन्द्र पटेल, रवि जैन, नेत राम, नीरज मरावी, वीरेन्द्र श्रीवास, विनय रामजे, आषीष कोरी आदि ने शासन से मांग की है की शिक्षकों को भी चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ दिया जायl



