ऊर्जा विभाग के विभिन्न भत्तों के पुनरीक्षण की मांग

भोपाल जबलपुर दर्पण । मध्यप्रदेश विद्युत मंडल अभियंता संघ ने ऊर्जा विभाग में कार्यरत अभियंताओं के हित में विभिन्न भत्तों के पुनरीक्षण की मांग की है। संघ के महासचिव इंजीनियर विकास कुमार शुक्ला ने माननीय ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि राज्य शासन की तर्ज पर सातवें वेतनमान के अनुरूप “सी-ऑफ़”, “रात्रि पाली भत्ता (एनएसए)”, “प्रतिपूरक भत्ता (सभी के लिए)” एवं “वाहन भत्ता (सीए)” का भुगतान पुनरीक्षित किया जाए।इंजी. शुक्ला ने पत्र में उल्लेख किया कि राज्य सरकार द्वारा हाल ही में विभिन्न भत्तों की दरों को सातवें वेतन आयोग के अनुरूप संशोधित किया गया है, किंतु आठ माह बीत जाने के बावजूद ऊर्जा विभाग के भत्तों में कोई संशोधन नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि ऊर्जा विभाग के ये महत्वपूर्ण भत्ते पिछले 20 वर्षों से पुनरीक्षित नहीं किए गए हैं, जिसके चलते अनुभवी अभियंता अन्य संस्थानों में पलायन करने को विवश हैं।
महासचिव ने यह भी कहा कि विद्युत क्षेत्र की सभी सेवाओं में प्रदर्शन का मूल्यांकन आज एनटीपीसी, पीजीसीआईएल एवं अन्य राज्यों को आधार मानकर किया जा रहा है, जबकि मध्यप्रदेश में इन भत्तों का स्तर अन्य राज्यों की तुलना में मात्र चौथाई है। उन्होंने कहा कि इस असमानता को दूर करना आवश्यक है, ताकि राज्य के अभियंता भी समान सुविधाओं का लाभ उठा सकें।अभियंता संघ ने ऊर्जा मंत्री से आग्रह किया है कि ऊर्जा विभाग की समस्त उत्तरवर्ती कंपनियों में कार्यरत कार्मिकों के लिए उपरोक्त सभी भत्तों को सातवें वेतनमान के अनुरूप शीघ्र पुनरीक्षित किया जाए, जिससे अभियंता पूर्ण मनोयोग से सुदृढ़ एवं सुचारू विद्युत आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सकें।



