प्रेरणा राष्ट्रभाषा गौरव सम्मान रामअवतार स्वामी टोंक उनियारा राजस्थान को मिला

जबलपुर दर्पण । प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा द्वारा प्रेरणा राष्ट्रभाषा गौरव सम्मान राजस्थान के टोंक उनियारा के रामअवतार स्वामी को प्रदान किया गया।इस अवसर पर संस्था के संस्थापक कवि संगम त्रिपाठी ने कहा कि “दुनिया में भारत ही एक ऐसा देश है जिसकी अपनी राष्ट्रभाषा अब तक घोषित नहीं हुई है। हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा मिले, यही हमारी कामना है। हम सभी भारतीय भाषाओं का समान रूप से सम्मान करते हैं।”उन्होंने बताया कि हिंदी के प्रचार-प्रसार और राष्ट्रभाषा अभियान को सशक्त बनाने में रामअवतार स्वामी जी का योगदान अमूल्य रहा है। स्वामी जी विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से हिंदी के प्रसार में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।रामअवतार स्वामी जी को यह सम्मान हिंदी के प्रचार-प्रसार में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। इस अवसर पर प्रदीप मिश्र ‘अजनबी’ (महासचिव, दिल्ली), डॉ. लाल सिंह किरार (राष्ट्रीय अध्यक्ष, अम्बाह मुरैना, मध्यप्रदेश), डॉ. सोमनाथ शुक्ल (सलाहकार, प्रयागराज) सहित समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने स्वामी जी को सम्मानित किए जाने पर धन्यवाद एवं शुभकामनाएं व्यक्त कीं।



