चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का मुख्यमंत्री मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर को ज्ञापन

जबलपुर दर्पण । मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ की केंद्रीय प्रबंध समिति, जिला समिति भोपाल एवं विभागीय समितियों की बैठक 2 नवम्बर 2025 को कर्मचारी भवन, गीतांजलि चौराहा, भोपाल में संपन्न हुई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि संघ की 15 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर में छह चरणों में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।
इसी निर्णय के प्रथम चरण के तहत आज जिला स्वास्थ्य समिति जबलपुर द्वारा माननीय मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन के नाम ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन प्रांतीय महामंत्री अजय कुमार दुबे के नेतृत्व में जिला मुख्यालय जबलपुर में कलेक्टर महोदय को सौंपा गया।
संघ की प्रमुख मांगों में शामिल हैं —
- 1,45,000 स्थायी कर्मियों को नियमित कर्मचारियों जैसी सभी सुविधाएं (अनुकंपा नियुक्ति, ग्रेच्युटी, अवकाश नगदीकरण आदि) प्रदान करना।
- आकस्मिक/भारित सेवा कर्मियों को 300 दिन का अवकाश नगदीकरण एवं पदोन्नति का अवसर देना।
- चतुर्थ श्रेणी पदों पर शीघ्र भर्ती करना।
- वर्ष 2007 के बाद रखे गए दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थायी दर्जा देना।
- अंशकालिक एवं आउटसोर्स कर्मचारियों को कलेक्टर दर घोषित करना।
- नियमित कर्मचारियों का ग्रेड पे ₹1800 निर्धारित करना।
- ग्राम रक्षक (कोटवार) की सेवा भूमि को कोटवारों के नाम करना एवं बेगार प्रथा समाप्त करना।
- मध्यान्ह भोजन एवं साझा चूल्हा रसोइयों को न्यूनतम ₹10,000 मासिक वेतन प्रदान करना।
संघ ने पूर्व में 8 अक्टूबर 2025 को शासन एवं प्रशासन को नोटिस जारी कर इन मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की थी। संघ ने यह स्पष्ट किया है कि यदि शासन द्वारा इन मांगों पर शीघ्र एवं सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आगामी चरणों में प्रदेशव्यापी आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान उपस्थित प्रमुख पदाधिकारियों में अजय कुमार दुबे, सहदेव रजक, विपिन पीपरे, प्रशांत श्रीवास्तव, रविंद्र राय, ओम प्रकाश पनगरहा, प्रमोद कुमार, सुरेश वाल्मीकि, देवेंद्र पटेल, प्रेम नारायण ठाकुर, मोहित वर्मा, अनिल समुद्रे, सुनील पाठक, संजय रजक, बैजनाथ नायर, राजकुमार रजक, अमर पंगरा, सोहन सिंह, उदय नरेश कुलस्ते, हबीब खान, विजय यादव, शंकर वानखेडे, श्याम रजक, सत्यम साहू और पुष्पेंद्र राठौर शामिल रहे।



