सांदीपनि विद्यालय बालाघाट में मेधा योगा आर्ट ऑफ लिविंग कार्यशाला का हुआ आयोजन

बालाघाट जबलपुर दर्पण । आज के दौर में बड़े ही नहीं अपितु बच्चे भी अपने स्तर के तनाव का सामना करते हैं। आत्मविश्वास की कमी और तनाव के ही कारण अक्सर परीक्षा परिणाम के बाद असफल बच्चों के द्वारा निराश, उदास होकर (आत्महत्या) जैसे गलत कदम उठाए जाते हैं। विद्यार्थियों में एकाग्रता बढ़ाने तथा अन्य परिस्थितियों से निपटने के लिए म.प्र.शासन स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार प्रदेश के समस्त सांदीपनि विद्यालयों ( सी.एम.राइज़ विद्यालय ) में पुज्य गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी के द्वारा विकसित एक कार्यक्रम जो किशोरों ( आयु वर्ग 12-18 ) के लिए बनाया गया है और इसमें प्राचीन योग, ध्यान और श्वास तकनीकें शामिल हैं को सिखाया जाता हैं । इसका उद्देश्य किशोरों को तनाव, साथियों के दबाव और शैक्षणिक चुनौतियों से निपटना सिखाना और उनका आत्मविश्वास व एकाग्रता बढ़ाना है।आत्मविश्वास और एकाग्रता-यह छात्रों को एकाग्रता और फोकस बढ़ाने के लिए तकनीकें सिखाता है, जो शिक्षा के लिए फायदेमंद है।
जीवन कौशल- कार्यक्रम टीम वर्क, सहयोग और सामाजिक कौशल विकसित करने के लिए इंटरैक्टिव गतिविधियों और चर्चाओं पर केंद्रित है।
समग्र विकास: यह केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक विकास पर भी ध्यान केंद्रित करता है, जिससे किशोर एक पूर्ण और आत्मविश्वासपूर्ण जीवन जीने में सक्षम बनते हैं। आयु वर्ग: यह विशेष रूप से 12-18 वर्ष की आयु के किशोरों के लिए होता है। कार्यक्रम के अंतिम दिन समापन अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग के पदाधिकारी श्री सुरजीत सिंह ठाकुर व श्रीमती रीतु मोहारे के द्वारा सभी विद्यार्थियों को प्राणायाम, सुदर्शन क्रिया व अन्य क्रियाओं का विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। अंत में संस्था प्राचार्य डॉ.युवराज राहंगडाले, उपप्राचार्य साजिद मोहीस खान ने संबोधित कर इन क्रियाओं को अपने जीवन में पालन करने के लिए प्रेरित किया। अंत में नोडल टीचर अशोक कुमार कोर्राम के द्वारा आयोजित कार्यशाला में उपस्थित ट्रेनर व संस्था प्राचार्य के प्रति आभार प्रदर्शन कर समापन किया गया।



