दलालों का बोलबाला- राशन दुकानों में बढ़ी कालाबाजारी, उपभोक्ता परेशान

गोटेगांव जबलपुर दर्पण । स्थानीय नगर के सरकारी उचित मूल्य की दुकानों पर वितरण प्रक्रिया में अनियमितताओं के साथ-साथ अब कालाबाजारी की समस्या भी बढ़ती नजर आ रही है। राशनधारी आरोप लगा रहे हैं कि राशन दुकानों पर दलाल सक्रिय हैं और संपूर्ण नगर क्षेत्र की ग्रामीण राशन दुकानों में उनका बोलबाला है। ये दलाल राशनधारियों से सस्ते दामों पर राशन खरीदकर बाजार में ऊंचे दामों पर बेचते हैं।
राशनधारियों ने बताया कि जैसे ही वे सरकारी दुकान से राशन प्राप्त करते हैं, दलाल तुरंत उनसे संपर्क कर कम दाम में राशन बेचने का दबाव बनाते हैं। गरीब और जरूरतमंद लोग, जिन्हें नगद पैसों की आवश्यकता होती है, अक्सर इन दलालों के जाल में फंस जाते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि राशन कालाबाजारी के माध्यम से बाजार में पहुंचता है और वास्तविक जरूरतमंदों तक राशन का लाभ नहीं पहुँच पाता।एक राशनधारी ने बताया, हमारे पास राशन तो मिलता है, लेकिन कभी-कभी पैसों की तंगी के कारण हम इसे बेचने पर मजबूर हो जाते हैं। दलाल इसे कम दाम पर खरीदकर बाजार में ऊंचे दाम पर बेचकर मुनाफा कमाते हैं।
सूत्रों के अनुसार, कई राशन केंद्रों में स्वयं कुछ अधिकारी और तुलैया ही गरीबों का राशन खरीद रहे हैं। राशन बोरी दलालों को बाहर खड़े होकर देनी पड़ती है, जबकि अधिकारी और तुलैया गरीब राशनधारी से केवल राशन की पर्ची लेकर पैसे दे कर डबल मुनाफा कमा रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन इस ओर कोई सख्त कदम नहीं उठा रहा है, जिससे यह मुद्दा नगर में जन चर्चा का विषय बना हुआ है।राशनधारी और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि राशन वितरण प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जाए, दुकानों के बाहर सक्रिय दलालों पर सख्त कार्रवाई की जाए और जरूरतमंदों को नकद सहायता देने के लिए वैकल्पिक योजनाएं शुरू की जाएं। इसके साथ ही, उन अधिकारियों और तुलैयों की भी जांच कर कार्रवाई की जाए जो राशन कालाबाजारी में लिप्त हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह तत्काल प्रभाव से कदम उठाए और सरकारी दुकानों को दलालों के प्रभाव से मुक्त कराए, ताकि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुँच सके।



