महाकौशल विश्वविद्यालय में एनएसयूआई का जोरदार प्रदर्शन, अधोसंरचना व नियामकीय उल्लंघनों के गंभीर आरोप

जबलपुर दर्पण । भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) जबलपुर द्वारा गुरुवार को महाकौशल विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार नारेबाज़ी एवं धरना-प्रदर्शन किया गया। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष सचिन रजक के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता विश्वविद्यालय पहुंचे और प्रशासन पर गंभीर शैक्षणिक व प्रशासनिक लापरवाहियों के आरोप लगाए। प्रदर्शन के दौरान कुलगुरु सहित शीर्ष अधिकारी परिसर में अनुपस्थित रहे, जिससे स्थिति कुछ समय तक तनावपूर्ण बनी रही। बाद में विश्वविद्यालय के अधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासन के पश्चात एनएसयूआई ने धरना समाप्त किया।
एनएसयूआई का आरोप है कि विश्वविद्यालय में अनेक पाठ्यक्रम प्रारंभ तो कर दिए गए हैं, किंतु उनके अनुरूप आवश्यक अधोसंरचना—जैसे उपयुक्त भवन, प्रयोगशालाएँ, छात्र सुविधा केंद्र एवं अन्य बुनियादी संसाधन—मौजूद नहीं हैं। संगठन का कहना है कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के अंतर्गत संचालित तकनीकी पाठ्यक्रमों में नियामकीय अनुपालन का गंभीर उल्लंघन किया जा रहा है। एक ही भवन में अनेक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जो शैक्षणिक मानकों के विपरीत है। इसके साथ ही बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों की भी अनदेखी का आरोप लगाया गया।
जिलाध्यक्ष सचिन रजक ने बताया कि इंजीनियरिंग, सिविल एविएशन, फॉरेंसिक साइंसेज़ जैसे व्यावसायिक एवं तकनीकी पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं, परंतु छात्रों के प्रायोगिक प्रशिक्षण हेतु आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हैं। इससे विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य एवं व्यावसायिक दक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं।
एनएसयूआई ने यह भी स्मरण कराया कि विगत वर्ष विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा महाकौशल विश्वविद्यालय को नियामकीय अनुपालन में निरंतर लापरवाही के चलते ब्लैकलिस्ट की सूची में शामिल किया गया था। संगठन का कहना है कि ऐसे हालात में विश्वविद्यालय में दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता संदेह के घेरे में है। आरोप है कि विश्वविद्यालय में नियमित शैक्षणिक गतिविधियाँ नगण्य हैं और छात्रों की उपस्थिति के बिना ही डिग्रियाँ प्रदान की जा रही हैं। हाल ही में भोपाल स्थित आरकेडीएफ विश्वविद्यालय में राजस्थान एसटीएफ द्वारा फर्जी डिग्री एवं मार्कशीट रैकेट के खुलासे का उल्लेख करते हुए कहा कि यह घटना निजी विश्वविद्यालयों में व्याप्त अनियमितताओं की ओर संकेत करती है। एनएसयूआई ने जबलपुर सहित पूरे मध्यप्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों का व्यापक अकादमिक ऑडिट कराने की मांग की है तथा उच्च शिक्षा विभाग के अधीन मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग को शीघ्र औपचारिक शिकायत प्रस्तुत करने की घोषणा की है।
एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि यदि छात्रों के हितों की अनदेखी और नियामकीय उल्लंघन जारी रहे, तो संगठन आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होगा।
प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष सचिन रजक, उपाध्यक्ष अनुज यादव,अनिल मिश्रा, सक्षम यादव,पुष्पेन्द्र गौतम, यश सोनी, अभिनव मिश्रा,मो जिशान, आयुष पहाड़िया, मो कामिल ,आदित्य सिंह, हर्ष कामले,यश ,आयुष बागरी,सहित भारी संख्या मे छात्र उपस्थित थे।



