राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर किया गया जागरूकता अभियान

मनीष श्रीवास जबलपुर दर्पण। सिहोरा मुख्यालय स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिहोरा। 24 जनवरी 2026 को मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं सुधांशु सिंन्हा (जिला न्यायाधीश तृतीय/अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति सिहोरा)के मार्गदर्शन में अजय उईके (न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी) सिहोरा की अध्यक्षता एवं श्रीमती खालिदा तनवीर खान (न्यायाधीश मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी) सिहोरा की उपस्थिति में बाल विवाह की रोकथाम एवं लिंग चयनात्मक प्रथाओं के उन्मूलन के संबंध में जागरूकता अभियान अंतर्गत विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में अपने उद्बोधन में अजय उईके( न्यायिक न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी) द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुरुआत वर्ष 2008 से में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा की गई थी। इस दिवस की शुरुआत समाज की बच्चियों की स्थिति में सुधार लाने हेतु की गई। साथ ही राष्ट्रीय बालिका दिवस का उद्देश्य बच्चियों के साथ होने वाले भेदभाव को लोगों को जागरूक करना है, बच्चियों के उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है, बच्चियों की शिक्षा ,स्वास्थ्य पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। श्रीमती खालिदा तनवीर खान (न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी) सिहोरा द्वारा राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बाल विवाह जैसी कुरीतियों लिंग अनुपात भेदभाव विद्यालय में स्थित विधिक साक्षरता क्लब एवं तहसील विधिक सेवा समिति सिहोरा द्वारा निशुल्क विधिक सेवाओं के विषय में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। राष्ट्रीय बालिका दिवस के अभियान में प्राचार्य बी एस परस्ते, विनोद कुमार पटेल, रुचि पटेल एवं विद्यालय की छात्राओ द्वारा अपने-अपने विचार व्यक्त किए गए। इस दौरान राजकुमार नामदेव पैरालीगल वॉलिंटियर द्वारा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर द्वारा संचालित की जाने वाली विधिक योजनाओं के विषय में भी विस्तार पूर्वक जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में पी एल महोबिया द्वारा मंच में उपस्थित अतिथि गण, शिक्षक गण, छात्राओं का आभार व्यक्त कर कार्यक्रम समापन करने की घोषणा की।



