विद्युत कंपनियों के मुख्यालय में प्रदेश के ऊर्जा सचिव विशेष गढ़पाले ने किया ध्वजारोहण


जबलपुर दर्पण । मध्यप्रदेश की बिजली कंपनियों के मुख्यालय में 77 वे गणतंत्र दिवस समारोह में प्रदेश के ऊर्जा सचिव व एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक श्री विशेष गढ़पाले ने पाण्डुताल मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहरा कर परेड की सलामी ली। उन्होंने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि मध्यप्रदेश के लिए वर्ष 2025-26 में ऊर्जा के क्षेत्र में ऐसे निर्णय लिए गए हैं, जो न केवल वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं, बल्कि आने वाले दशकों की बढ़ती मांगों के अनुरूप मजबूत आधारशिला तैयार करते हैं। इसका लक्ष्य स्पष्ट है—हर घर, हर खेत और हर उद्योग को गुणवत्तापूर्ण, निर्बाध और किफायती बिजली उपलब्ध कराना। इसी भावना एवं लक्ष्य से प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में बीते वर्षों में योजनाओं, संरचनात्मक सुधारों, तकनीकी उन्नयन, निवेश संवर्धन और उपभोक्ता हित को केंद्र में रखते हुए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। आने वाले वर्षों में प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरी क्षमता से पूरा करते हुए हर नागरिक और हर उद्योग को विश्वसनीय, स्वच्छ और किफायती बिजली उपलब्ध कराना हमारा संकल्प है और इसी संकल्प को यथार्थ में बदलने हेतु प्रदेश की समस्त विद्युत कंपनियां निरंतर कार्यरत है। इस अवसर पर मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह, मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी, पावर जनरेटिंग कंपनी के डायरेक्टरद्वय सुबोध निगम व मिलिन्द भान्दक्कर, एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के कार्यपालक निदेशक मानव संसाधन व प्रशासन राजीव कुमार गुप्ता सहित सहित बड़ी संख्या में अभियंता, कार्मिक, सेवानिवृत्त कर्मी, महिलाएं व बच्चे उपस्थित थे।विद्युत कंपनियों में 51 हजार से अधिक पदों का सृजन-विशेष गढ़पाले ने कहा कि प्रदेश में विद्युत कंपनियों की संगठनात्मक संरचना का पुनर्गठन कर 51,711 नवीन नियमित पदों को सृजित किया गया है। इससे कंपनियों की कार्यक्षमता, क्षेत्रीय उपस्थिति तथा उपभोक्ता सेवाओं का प्रभावी विस्तार संभव हो सकेगा। स्वीकृत पदों में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के लिये 17402, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के लिये 16165, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के लिये 15690, पावर ट्रांसमिशन कम्पनी के लिये 1431 और पॉवर जनरेटिंग कम्पनी के लिए 1017 पद हैं। इनमें सीधी भर्ती के पदों पर नियुक्तियां प्रक्रियाधीन है।27 हजार 636 करोड़ रूपए की सब्सिडी देने का निर्णय-गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि विशेष गढ़पाले ने कहा कि राज्य शासन द्वारा प्रदेश के घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को विगत वर्षों की तरह वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए लागू टैरिफ दरों में राहत देने के लिये बिजली कंपनियों को अनुमानित 27 हजार 636 करोड़ रूपए की सब्सिडी देने का निर्णय लिया गया है। यह सब्सिडी अटल गृह ज्योति योजना, अटल कृषि ज्योति योजना, टैरिफ सब्सिडी और नि:शुल्क विद्युत प्रदाय योजना मद में दी जा रही है। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्यास महाअभियान (PM-JANMAN) के अंतर्गत PVGT समुदाय के 26000 से अधिक अविद्युतकीकृत घरों का विद्युतीकरण किया गया।
19 हजार मेगावाट से अधिक बिजली की मांग की सफलतापूर्वक सप्लाई-ऊर्जा सचिव विशेष गढ़पाले ने कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में 14 जनवरी 2026 को मध्यप्रदेश में बिजली की शीर्षस्थ मांग उन्नीस हजार आठ सौ पचानवे (19895) मेगावाट की हमने सफलतापूर्वक सप्लाई की। यह पिछले वर्ष के अठारह हजार नौ सौ तेरह (18913) मेगावाट से नौ सौ बयासी (982) मेगावाट अर्थात् (5.19%) अधिक है। 31 दिसंबर 2025 को प्रदेश के इतिहास की सर्वाधिक तीन हजार पांच सौ इकसठ दशमलव इकतीस (3561.31) लाख यूनिट बिजली की सप्लाई की गई। वर्तमान वित्तीय वर्ष में अभी तक 121 दिन विद्युत की शीर्ष मांग 13 हजार मेगावाट से ऊपर रही है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में दिसंबर 2025 तक पावर एक्सचेंज के माध्यम से लगभग 1567 करोड़ रूपए की अतिशेष विद्युत का विक्रय किया गया, जो कि विगत वर्ष दिसंबर 2024 तक के 1360 करोड़ रूपए से 15 फीसदी अधिक है।पावर जनेटिंग कंपनी की 11 यूनिट सौ दिन से अधिक तक संचालित-एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक ने कहा कि पावर जनरेटिंग कंपनी की ग्यारह ताप विद्युत गृह ने वर्ष 2025-26 में 100 एवं उससे अधिक दिनों तक अनवरत संचालित रहने का नया कीर्तिमान बनाया। अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की 210 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 5 ने 482 दिन अनवरत विद्युत उत्पादन करने का कीर्तिमान स्थापित किया है। यह मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी की किसी भी ताप विद्युत यूनिट का आज तक का सर्वोत्तम रिकार्ड है। वर्तमान में भी यह यूनिट क्रियाशील है। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा प्रदेश में विद्युत की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई व सतपुड़ा
ताप विद्युत गृह सारनी में 660 मेगावाट की एक-एक ताप विद्युत यूनिट की स्थापना की जा रही है। इनमें से प्रत्येक यूनिट की अनुमानित लागत क्रमश: 11 हजार 599 करोड़ रूपए है। इन यूनिट की स्थापना के लिए सभी वैधानिक प्रशासकीय स्वीकृति हासिल कर ली गई है। दोनों यूनिट की स्थापना के लिए भेल को आदेश जारी कर एग्रीमेंट हस्ताक्षरित कर लिए गए हैं। भेल को दोनों परियोजनाओं हेतु प्रथम अग्रिम राशि का भुगतान कर दिया गया। इन परियोजनाओं से उत्पादित होने वाली बिजली का लाभ प्रदेश को वित्तीय वर्ष 2030-31 में प्राप्त होने लगेगा।पारेषण क्षमता बढ़कर 82985 एमवीए हुई-समारोह के मुख्य अतिथि ने कहा कि मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी की वर्तमान वित्तीय वर्ष में पारेषण क्षमता बढ़ कर 82 हजार 985 MVA हो गई। एमपी ट्रांसको ने 220 केवी ट्रांसमिशन लाइनों पर ड्रोन पेट्रोलिंग के सफल क्रियान्वयन के बाद अब इसे 400 केवी एवं 132 केवी लाइनों तक विस्तारित कर दिया है। इसके अंतर्गत प्रदेशभर में लगभग 23,000 ट्रांसमिशन टावरों की ड्रोन से निगरानी की जा रही है। ट्रांसमिशन टावरों की ड्रोन आधारित पेट्रोलिंग प्रारंभ करने वाले अग्रणी राज्यों में मध्यप्रदेश शामिल है। भारत सरकार की डिजिटल इंडिया परिकल्पना के अंतर्गत एमपी ट्रांसको का प्रोटेक्शन सेल इस वर्ष पूर्णतः डिजिटल हो गया है। यह प्रोटेक्शन सेल प्रदेश में 42,857 सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइनों, 417 अति उच्चदाब उपकेंद्रों तथा 1,000 से अधिक पावर ट्रांसफॉर्मरों की चौबीसों घंटे निगरानी एवं सुरक्षा सुनिश्चित करता है।वितरण कंपनियों द्वारा समाधान योजना का प्रभावी क्रियान्वयन-ऊर्जा सचिव विशेष गढ़पाले ने कहा कि प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा समाधान योजना 2025-26 का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा अब तक 729 करोड़ 25 लाख रूपये मूल राशि जमा कराई गई है। डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों द्वारा 296 करोड़ 57 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। योजना में 14 लाख 46 हजार उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। बकायादार उपभोक्ताओं की सतत भागीदारी और उनके उत्साह को देखते हुए समाधान योजना के प्रथम चरण की अवधि में 31 जनवरी 2026 तक विस्तार किया गया है। मध्यप्रदेश के विद्युत क्षेत्र की निरंतर अबाध प्रगति के लिए प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियां बेहतर आपसी समन्वय से राष्ट्रीय विद्युत पटल पर अपनी स्पष्ट पहचान बना रही हैं। विद्युत वितरण कंपनियां उपभोक्ताओं की बेहतर सेवा एवं गुणवत्तापूर्वक बिजली आपूर्ति के साथ-साथ वित्तीय स्थिति को और बेहतर करने के लिए निरंतर प्रयत्नशील है।विद्युत कंपनियों ने किया नवाचार-प्रदेश में विद्युत कंपनियों ने जिस गति, प्रतिबद्धता और नवाचार के साथ कार्य किया है, वह मध्यप्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर, सक्षम और भविष्य-दृष्टि सम्पन्न राज्य बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। विद्युत कंपनियों द्वारा नवाचार क्षेत्र में किए गए कार्यों में एमपी जेनको द्वारा प्रशिक्षण केन्द्र में परिचालन सिम्युलेटर की स्थापना, मुख्यालय में केन्द्रीकृत निगरानी प्रणाली को लागू करना, एमपी ट्रांसको के इंसूलेटेड वर्क प्लेटफार्म सिस…



