जातिगत मुक्त समाज स्थापित हो
जबलपुर दर्पण । विवादित यूजीसी कानून लागू किए जाने और उसे पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद यह चर्चा आवश्यक है कि कौन पिछड़ा है कौन अगड़ा सच तो यह है कि आज जब सभी लोगों को शिक्षा और रोजगार के समान अवसर उपलब्ध है जो किसी को पिछड़ा कहना तार्किक नहीं होगा लेकिन अफसोस है कि हम आज भी तेजी से विकसित होते देश में जाति आधारित पिछड़ेपन की बात करते आ रहे हैं सच तो यह है कि ना कोई जाति पिछड़ी है ना अगडि पिछड़ी है हमारी सोच ही पिछड़ी है अगर हमें एक होकर सामान्य के भाव के साथ विकसित रास्ते पर जाना है तो इस सूट को त्यागना होगा यही आज की आवश्यकता है। अल्पसंख्यक कांग्रेस परिवार के वरिष्ठ नेता सरदार दलवीर सिंह जस्सल, सुमन कुमार जैन ने जारी एक बयान में व्यक्त किए है। उन्होंने कहा कि जातिगत भेदभाव मुक्त समाज स्थापित होना चाहिए और पिछड़ेपन की सोच से हम सब को मुक्त होना होगा तभी देश का समुचित चौमुखी विकास होगा।



